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नाव पर आएंगी और हाथी पर जाएंगी मां जगदंबा
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वाराणसी। वासंतिक नवरात्र पर इस बार भक्तों पर माता की कृपा बरसेगी। माता का आगमन और प्रस्थान इस बार दोनों सुखकारी है। मां नाव पर सवार होकर आ रही हैं और हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी। कई सालों बाद बनने वाला यह शुभ संयोग संपूर्ण देश के लिए कल्याणकारी होगा। इस दौरान मां की उपासना सर्व सिद्धिदायक होगी।
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि 24 मार्च को दिन में 2:58 बजे से आरंभ हो रही है। यह 25 मार्च को शाम 5:27 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के मान के अनुसार 25 मार्च को प्रतिपदा तिथि होगी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि जब भी 9 दिन नवरात्रि मनाई जाती है तो ये दिन शक्ति की उपासना के लिए बेहद शुभ होते हैं।
देश में खुशहाली के संकेत हैं। बुधवार को प्रात: 5:57 सूर्योदय के बाद कलश स्थापित किया जा सकता है। अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापन करने वालों के लिए समय 11:36 से 12:24 बजे तक होगा। महाष्टमी का व्रत एक अप्रैल को होगा। दुर्गा जी का प्रस्थान शुक्रवार 3 अप्रैल को दशमी तिथि को हाथी से होगा। यह अच्छी वृष्टि कारक होता है।
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ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा तिथि 24 मार्च को दिन में 2:58 बजे से आरंभ हो रही है। यह 25 मार्च को शाम 5:27 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के मान के अनुसार 25 मार्च को प्रतिपदा तिथि होगी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि जब भी 9 दिन नवरात्रि मनाई जाती है तो ये दिन शक्ति की उपासना के लिए बेहद शुभ होते हैं।
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देश में खुशहाली के संकेत हैं। बुधवार को प्रात: 5:57 सूर्योदय के बाद कलश स्थापित किया जा सकता है। अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापन करने वालों के लिए समय 11:36 से 12:24 बजे तक होगा। महाष्टमी का व्रत एक अप्रैल को होगा। दुर्गा जी का प्रस्थान शुक्रवार 3 अप्रैल को दशमी तिथि को हाथी से होगा। यह अच्छी वृष्टि कारक होता है।
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