पीएम मोदी के दौरे के बाद बदल गया काशी विश्वनाथ मंदिर का पता, अब ऐसे पहुंच सकेंगे बाबा धाम
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का शिलान्यास करने वाराणसी आए। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर से जनता को संबोधित किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर का पता बदल दिया।
बाबा विश्वनाथ का नया पता अब काशी विश्वनाथ धाम हो गया है। पीएम नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट का शिलान्यास होने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र को लोग अब काशी विश्वनाथ धाम के नाम से जानेंगे।
शिलान्यास के बाद मंच से प्रधानमंत्री ने जैसे ही मंदिर परिक्षेत्र को काशी विश्वनाथ धाम कहा तो चारों तरफ हर-हर महादेव का जयघोष गूंज उठा। स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालुओं ने काशी विश्वनाथ धाम की जय-जयकार की। अब अगर आपको काशी विश्वनाथ मंदिर जाना है तो कहना पड़ेगा कि 'काशी विश्वनाथ धाम जाना है'।
मां गंगा के पावन तट पर स्थित विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी के हृदय में स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले दर्शनार्थियों के सुगम दर्शन की सुविधा के लिए काशी विश्वनाथ धाम की विशाल रचना की जा रही है। यह मंदिर को गंगा नदी से जोड़ेगा।
परियोजना का कुल क्षेत्रफल 39310.00 वर्ग मीटर है। इसके अंतर्गत कुल 296 भवन हैं। अब तक कुल 238 भवन खरीदे जा चुके हैं, जिनके ध्वस्तीकरण के उपरांत 21505.92 वर्ग मीटर क्षेत्रफल उपलब्ध हुआ है। भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान विभिन्न भवनों के अंदर 40 अति प्राचीन मंदिर पाए गए हैं। इनका उल्लेख वेद-पुराण व धार्मिक पुस्तकों में भी मिला है। सभी मंदिर काशी की प्राचीन धरोहर हैं।
संकुल का स्वरूप दिया जाएगा
काशी विश्वनाथ धाम अंतर्गत सभी भवनों और दुकानों को सहमति के आधार पर खरीदा गया है। इसमें रहने वाले 500 परिवारों को विस्थापित किया गया है। मंदिरों के जीर्णोद्धार एवं सुंदरीकरण का भी कार्य कराया जा रहा है। इन मंदिरों को परियोजना का भाग बनाकर इस क्षेत्र को अद्भुत संकुल का रूप दिया जाएगा।
380 करोड़ रुपये से होगा सुंदरीकरण
श्री काशी विश्वनाथ धाम की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो गई है। मंदिर के सौंदर्यीकरण और विस्तारीकरण पर 380 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मंदिर का प्रवेश द्वार 50 फीट से ज्यादा चौड़ा बनाया जाएगा। गलियारे के दोनों तरफ श्रद्धालु के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
एक मंदिर चौक का निर्माण भी होगा, जिसके दोनों तरफ विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यावसायिक केंद्र, पुलिस एवं प्रशासनिक भवन, वृद्ध एवं दिव्यांगों के लिए स्केलेटर और मोक्ष भवन इत्यादि निर्मित किए जाएंगे। परियोजना अंतर्गत 330.00 मीटर लंबाई, 50.00 मीटर चौड़ाई और घाट से 30 मीटर ऊंचाई तक निर्माण कराया जाएगा।