Voter ID: मतदाता पहचान पत्र के लिए गुरु, धार्मिक संस्थान का नाम ही पर्याप्त; दो साल पहले की मतदाता सूची वायरल
सोशल मीडिया पर यह सूची वायरल होते ही हड़कंप मच गया। राज्य निर्वाचन आयोग की मानें तो नियमों के मुताबिक इसमें कुछ भी गलत नहीं है। वैसे यह सूची 2023 की बताई जा रही है।
विस्तार
Varanasi News: वाराणसी के मोहल्ला कश्मीरीगंज की एक मतदाता सूची मंगलवार को वायरल हुई है। कांग्रेस ने इस सूची को अपने सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पर डाला है। इसमें 50 मतदाताओं के पिता के नाम की जगह एक ही नाम रामकमलदास दर्ज हैं।
इस पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हुईं, जबकि राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक इसमें कुछ भी गलत नहीं है। आयोग के मुताबिक मतदाता पहचान पत्र के लिए गुरु, धार्मिक संस्थान का नाम ही पर्याप्त होता है। वायरल मतदाता सूची 2023 की है।
मतदान केंद्र 206, कन्या प्राइमरी एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय शंकुलधारा मोहल्ला कश्मीरी गंज की है। इसमें मतदाता संख्या 234 से 285 तक के मतदाताओं के नाम के आगे पिता के काॅलम में रामकमलदास लिखा है।
ये है पूरा मामला
दरअसल रामकमलदास जगद्गुरु हैं, और इन्होंने वाराणसी के मोहल्ला खोजवां कश्मीरीगंज के प्राचीन श्रीराम मंदिर का निर्माण कराया है। इसी मंदिर परिसर में गुरुकुल का संचालन होता है। सन्यासी, बटुक इसी आश्रम में निवास करते हैं। यहां रहने वाले सन्यासियों ने मतदाता पहचान पत्र बनवाते समय पिता के कॉलम में जगदगुरु रामकमलदास का नाम दर्ज कराया है। यह सभी मतदाता अभी उसी आश्रम में निवास कर रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन 2022 में निर्वाचकों के नाम और उनके विवरण संबंधी निर्देशों में बिंदु च के मुताबिक किसी भी धार्मिक संघ से संबंधित साधु, मठवासी और मठवासिनी जैसे व्यक्तियों के मामले में जो अपने पिता या माता का नाम नहीं देना चाहते हों, वह गुरु, धार्मिक संस्थान का नाम ही दे दें। यह पर्याप्त होगा। इसी नियमावली के तहत सभी का मतदाता पहचान पत्र बनवाया गया था।