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नहर टूटने से गेहूं की 10 बीघे की कटी फसल डूबी
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कछवारोड (वाराणसी)। सेवापुरी ब्लाक के मिल्कीपुर गांव में सोमवार की रात ज्ञानपुर नहर टूटने से करीब दस बीघे गेहूं की फसल डूब गई। बारिश के चलते किसानों ने फसल करटकर छोड़ दिया था। रात में नहर टूटने से किसान अपनी फसल हटा भी नहीं सके। वहीं सूचना के बावजूद नहर विभाग के जिम्मदार के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। ग्रामीणों ने खुद प्रयास कर नहर के पानी को किसी तरह रोका।
दो दिन पूर्व गेहूं कटाई के बाद बारिश होने के चलते गेहूं का बोझ धूप में सूखने के लिए किसानों ने छोड़ रखा था। इसी बीच सोमवार की रात ज्ञानपुर नहर प्रखंड की मेन शाखा की नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई। इसे खेत जलमग्न हो जाने से गेहूं का बोझ पानी में तैरने लगा। पूर्व प्रधान लक्ष्मी सिंह एवं किसान दया सिंह का दस बीघे गेहूं की फसल को नुकसान हुआ हे। पूर्व प्रधान लक्ष्मी सिंह का कहना है कि किसान लाक डाउन के चलते भारी संकट को झेल रहे हैं। किसानों को प्रकृत ने भी संकट में डाल रखा है। वहीं नहर विभाग की लापरवाही के चलते नुकसान हो रहा है। इधर, सूचना देने के बावजूद प्रशासन का कोई भी सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने खुद प्रयास कर नहर के किनारे मिट्टी डालकर पानी रोका।
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दो दिन पूर्व गेहूं कटाई के बाद बारिश होने के चलते गेहूं का बोझ धूप में सूखने के लिए किसानों ने छोड़ रखा था। इसी बीच सोमवार की रात ज्ञानपुर नहर प्रखंड की मेन शाखा की नहर ओवरफ्लो होकर टूट गई। इसे खेत जलमग्न हो जाने से गेहूं का बोझ पानी में तैरने लगा। पूर्व प्रधान लक्ष्मी सिंह एवं किसान दया सिंह का दस बीघे गेहूं की फसल को नुकसान हुआ हे। पूर्व प्रधान लक्ष्मी सिंह का कहना है कि किसान लाक डाउन के चलते भारी संकट को झेल रहे हैं। किसानों को प्रकृत ने भी संकट में डाल रखा है। वहीं नहर विभाग की लापरवाही के चलते नुकसान हो रहा है। इधर, सूचना देने के बावजूद प्रशासन का कोई भी सक्षम अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। किसानों ने खुद प्रयास कर नहर के किनारे मिट्टी डालकर पानी रोका।
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