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नागरीप्रचारिणी सभा: 6.5 करोड़ रुपये से बनेगा ऑडिटोरियम, आर्यभाषा पुस्तकालय की 50 हजार किताबें होंगी डिजिटल
Thu, 29 Feb 2024 11:54 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 29 Feb 2024 11:54 AM IST
सार
नागरीप्रचारिणी सभा का कायाकल्प किया जाएगा। इस क्रम में सभा परिसर में 250 लोगों के बैठने की क्षमता वाला ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। वहीं कॉन्फ्रेंस हॉल, मुक्ताकाशीय मंच और कैफेटेरिया भी प्रचारिणी सभा का हिस्सा होगा। ये काम 6.5 करोड़ रुपये से होंगे।
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नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नागरीप्रचारिणी सभा का 6.5 करोड़ रुपये से कायाकल्प होगा। परिसर में युवा साहित्यकारों के साथ विमर्श, कलाकारों को रंगमंच के प्रशिक्षण के उद्देश्य से ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल और मुक्ताकाशीय मंच बनाया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सहयोग से बनने वाले इस प्रेक्षागृह के लिए 6.5 करोड़ रुपये स्वीकृत भी हो गए हैं।
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ये जानकारी बुधवार को नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान दी। उन्होंने बताया कि सभा परिसर में बने गेस्ट हाउस की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है। उसे गिराकर उसी जगह पर ऑडिटोरियम बनाया जाएगा। इसमें 250 दर्शकों के बैठने की क्षमता होगी। ऑडिटोरियम बनने के बाद यहां साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियां कराई जा सकेंगी। निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था के रूप में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड का चयन भी हो गया है।
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पांडुलिपियों और पुस्तकों का होगा डिजिटलाइजेशन
व्योमेश शुक्ल ने बताया कि आर्यभाषा पुस्तकालय में रखीं 50 हजार से अधिक पांडुलिपियों और पुस्तकों का डिजिटलाइजेशन भी करवाया जाएगा। इसके लिए राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के निदेशक अनिर्बन दास ने स्वीकृति दे दी है। वह जल्द ही अपनी टीम के साथ यहां दौरे पर आएंगे। पहले चरण में 30 लोगों को एक कार्यशाला के माध्यम से इस कार्य के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। डाटाबेस तैयार होने के बाद आम लोग इसका लाभ उठा सकेंगे।
रामायण पर लगेगा मेला, बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी पुस्तकें
नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित पुस्तकें बिक्री के लिए भी उपलब्ध होंगी। वर्तमान समय में सभा की 80 पुस्तकें विक्रय पटल पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा कई अन्य बहुमूल्य प्रकाशकों की पुस्तकें जल्द बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। नागरी प्रचारिणी सभा की ओर से दुर्लभ पुस्तकों और ग्रंथावलियों का प्रकाशन भी होगा। नए शिल्प में उसे नए पाठकों के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। रामायण पर एकाग्र एक मेला भी लगाया जाएगा।
रामायण पर लगेगा मेला, बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी पुस्तकें
नागरी प्रचारिणी सभा द्वारा प्रकाशित पुस्तकें बिक्री के लिए भी उपलब्ध होंगी। वर्तमान समय में सभा की 80 पुस्तकें विक्रय पटल पर उपलब्ध हैं। इसके अलावा कई अन्य बहुमूल्य प्रकाशकों की पुस्तकें जल्द बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। नागरी प्रचारिणी सभा की ओर से दुर्लभ पुस्तकों और ग्रंथावलियों का प्रकाशन भी होगा। नए शिल्प में उसे नए पाठकों के सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। रामायण पर एकाग्र एक मेला भी लगाया जाएगा।