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पेयजल के लिए वाणिज्य कर कार्यालय में हंगामा
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वाणिज्य कर कार्यालय चेतगंज में पेयजल संकट सहित कई समस्याओं का समाधान न होने के विरोध में कर्मचारियों ने सोमवार को तीन घंटे तक अधिकारियों को बंधक बनाया। इस दौरान अधिकारियों पर जानबूझकर स्पष्टीकरण तलब करने और कर्मचारी हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द स्पष्टीकरण रद करने, पेयजल की व्यवस्था कराने की मांग की। उधर अधिकारियों से नोकझोंक के दौरान एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष बेहोश हो गए, जिन्हें मंडलीय अस्पताल भर्ती कराया गया।
वाणिज्य कर कार्यालय में पिछले कई महीनों से यूपी वाणिज्य कर मिनिस्ट्रयल स्टाफ एसोसिएशन की ओर से अधिकारियों को पत्र देकर पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करते हुए इसके समाधान की मांग की जा रही है। इस बीच विभाग में निजी कंपनी के माध्यम से पानी की आपूर्ति कराई जा रही थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक पेयजल आपूर्ति का पैसा भी कर्मचारियों से ही लिया जा रहा है। जोनल मंत्री विवेक ने बताया कि इसी मुद्दे पर बात करने के लिए अधिकारियों के पास पदाधिकारी गए तो उल्टे उनको ही दोषी बताते हुए स्पष्टीकरण देते हुए दूसरे जिलों में स्थानांतरण की धमकी दी गई। इसी दौरान जिलाध्यक्ष रमेश कुमार बेहोश होकर गिर गए। आनन-फानन में उन्हें मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इधर जिलाध्यक्ष के बेहोश होने के बाद नाराज कर्मचारियों ने डिप्टी कमिश्नर को कार्यालय में बंधक बनाकर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। तत्काल स्पष्टीकरण रद करने, पानी की व्यवस्था कराने की मांग की है। शाम पांच बजे से चल रहा विरोध प्रदर्शन रात करीब आठ बजे समाप्त हुआ।
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वाणिज्य कर कार्यालय में पिछले कई महीनों से यूपी वाणिज्य कर मिनिस्ट्रयल स्टाफ एसोसिएशन की ओर से अधिकारियों को पत्र देकर पेयजल की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करते हुए इसके समाधान की मांग की जा रही है। इस बीच विभाग में निजी कंपनी के माध्यम से पानी की आपूर्ति कराई जा रही थी। एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक पेयजल आपूर्ति का पैसा भी कर्मचारियों से ही लिया जा रहा है। जोनल मंत्री विवेक ने बताया कि इसी मुद्दे पर बात करने के लिए अधिकारियों के पास पदाधिकारी गए तो उल्टे उनको ही दोषी बताते हुए स्पष्टीकरण देते हुए दूसरे जिलों में स्थानांतरण की धमकी दी गई। इसी दौरान जिलाध्यक्ष रमेश कुमार बेहोश होकर गिर गए। आनन-फानन में उन्हें मंडलीय अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इधर जिलाध्यक्ष के बेहोश होने के बाद नाराज कर्मचारियों ने डिप्टी कमिश्नर को कार्यालय में बंधक बनाकर कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। तत्काल स्पष्टीकरण रद करने, पानी की व्यवस्था कराने की मांग की है। शाम पांच बजे से चल रहा विरोध प्रदर्शन रात करीब आठ बजे समाप्त हुआ।
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