{"_id":"61891a62edbe83498f509a5d","slug":"naganapaya-leela-in-varanasi-kanha-active-banshi-by-nagging-kaliya-nag-in-ganga","type":"story","status":"publish","title_hn":"नागनथैया लीला : गंगा की लहरों पर कालिया नाग के फन को नथकर कान्हा ने बजाई बंशी, जयकारों से गूंज उठा गंगातट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नागनथैया लीला : गंगा की लहरों पर कालिया नाग के फन को नथकर कान्हा ने बजाई बंशी, जयकारों से गूंज उठा गंगातट
Mon, 08 Nov 2021 06:08 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Mon, 08 Nov 2021 06:08 PM IST
सार
गंगा की लहरों पर सोमवार को काशी के लक्खा मेले में शुमार नागनथैया लीला तुलसीघाट पर संपन्न हुई। कान्हा ने कालिया नाग को नथकर उसके अहंकार का मर्दन किया। इस अवसर पर घाटों पर हुजूम उमड़ पड़ा था।
विज्ञापन
वाराणसी में नागनथैया लीला में तुलसी घाट पर नाग के फन पर बैठकर बंशी बजाते श्री कृष्ण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
काशी के तुलसीघाट पर सैकड़ों साल पुरानी परंपरा नागनथैया लीला सोमवार को फिर जीवंत हो उठी। शिव की नगरी काशी में गंगा जहां यमुना बनी वहीं कान्हा ने कालिया नाग का मर्दन कर बंशी बजाई। काशी के लक्खा मेले में शुमार नागनथैया लीला तुलसीघाट पर संपन्न हुई। शाम चार बजे अस्सी से तुलसीघाट, रिवाघाट तक हुजूम उमड़ पड़ा।
विज्ञापन
लीला की झलक देखने के लिए घाट की सीढ़ी से लेकर छतों तक कहीं भी तिल रखने की जगह नहीं थी। करीब सवा चार बजे कान्हा ने कंदुक को यमुना में फेंक दिया। सखाओं के मना करने के बाद भी जिद पर अड़े कृष्ण कदंब की डाल पर चढ़कर नदी में कूद गए। कुछ क्षण में भगवान श्रीकृष्ण बंशी बजाते बाहर आए तो लोग प्रभु को देख गदगद हो गए।
विज्ञापन
इसके बाद तो हरहर महादेव की गूंज, डमरू की गड़गड़ाहट आरती और भजन से पूरा वातावरण गुंजामय हो गया। कान्हा नदी में कालिया नाग के फन पर बैठकर भक्तों को दर्शन दिए। इस मेले में उमड़े लोगों ने अलौकिक क्षण को देखा और नजारे को अपने कैमरे अौर मोबाइल में कैद किया। बटुकों ने आरती उतारी और सभी लोगों ने उनके चरणों मे शीश नवाया।
विज्ञापन
संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो विशम्भर नाथ मिश्र और विजय नाथ मिश्रा ने भगवान श्री कृष्ण को माला पहनाकर नमन किया। दूसरी ओर बजड़े पर सवार महाराज काशी नरेश के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह का लोगों ने स्वागत किया। सुरक्षा के लिए पुलिस, पीएसी और गंगा में एनडीआरएफ और जल पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।
300 सिविल पुलिसकर्मी कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। साथ ही पीएसी के 120 पुलिसकर्मी, 66 महिला पुलिसकर्मी, 35 सब इंस्पेक्टर, 8 इंस्पेक्टर की ड्यूटी लगाई गई थी। घाट पर मौजूद पुलिसकर्मी तुलसी घाट की छत से दूरबीन से एक एक पल की निगरानी कर रहे थे।