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बनारस में मुस्लिम महिलाओं ने उतारी प्रभु श्रीराम की आरती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 25 Mar 2018 07:35 PM IST
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विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
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वैसे तो रविवार को पूरे देश में रामनवमी बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया लेकिन बनारस में रामनवमी खास रही। यहां हिंदू-मुस्लिम एकता की अद्भुत मिसाल देखने को मिली। यहां मुस्लिम महिलाओं ने प्रभु श्री राम की आरती उतार कर यह संदेश दिया कि भारत में सर्व धर्म सौहार्द अब भी कायम है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से मजहब की दीवारों को तोड़कर पूरी दुनिया को सांप्रदायिक एकता का संदेश दिया। श्रीराम नाम के जयकारे से गूंजता विशाल भारत संस्थान का परिसर। कट्टरपंथियों की धमकियों के बावजूद बड़ी संख्या में जुटी मुस्लिम-हिंदू महिलाएं।
विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त संयोजन में पिछले 12 वर्ष की भांति इस साल भी ‘श्रीराम महाआरती’ का आयोजन वाराणसी के वरुणानगरम में किया गया। गुरु अतिथि के रूप में रामानंदी संप्रदाय के महंत बालक दास धर्म क्षत्र के साथ पहुंचे।
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बालिका दक्षिता अपने सिर पर श्रीराम जन्म भूमि के गर्भ गृह की मिट्टी से भरा कलश लेकर आगे चल रही थी। सड़क किनारे दोनों तरफ खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा से इसका स्वागत किया।
बालक दास ने श्रीराम स्तुति और अयोध्या महंत शंभू देवाचार्य से दूरभाष पर वार्ता कर रामजन्म भूमि पर आरती के समय ठीक 12 बजे काशी में आरती शुरू कराई। फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी की रचित श्रीराम आरती तथा श्रीराम प्रार्थना का गायन हुआ।
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इस कार्यक्रम के माध्यम से मजहब की दीवारों को तोड़कर पूरी दुनिया को सांप्रदायिक एकता का संदेश दिया। श्रीराम नाम के जयकारे से गूंजता विशाल भारत संस्थान का परिसर। कट्टरपंथियों की धमकियों के बावजूद बड़ी संख्या में जुटी मुस्लिम-हिंदू महिलाएं।
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विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन के संयुक्त संयोजन में पिछले 12 वर्ष की भांति इस साल भी ‘श्रीराम महाआरती’ का आयोजन वाराणसी के वरुणानगरम में किया गया। गुरु अतिथि के रूप में रामानंदी संप्रदाय के महंत बालक दास धर्म क्षत्र के साथ पहुंचे।
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बालिका दक्षिता अपने सिर पर श्रीराम जन्म भूमि के गर्भ गृह की मिट्टी से भरा कलश लेकर आगे चल रही थी। सड़क किनारे दोनों तरफ खड़े लोगों ने पुष्प वर्षा से इसका स्वागत किया।
बालक दास ने श्रीराम स्तुति और अयोध्या महंत शंभू देवाचार्य से दूरभाष पर वार्ता कर रामजन्म भूमि पर आरती के समय ठीक 12 बजे काशी में आरती शुरू कराई। फाउंडेशन की नेशनल सदर नाजनीन अंसारी की रचित श्रीराम आरती तथा श्रीराम प्रार्थना का गायन हुआ।
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड लोगों को कर रहा गुमराह
विशाल भारत संस्थान और मुस्लिम महिला फाउंडेशन की ओर से कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
राम जन्म पर ग्रामीणांचल से आई महिलाओं ने संस्कृति के अनुसार सोहर गाया। श्रीराम जन्म भूमि के गर्भ गृह की पवित्र मिट्टी का सौगंध लिया कि सांप्रदायिक एकता कायम रखेंगे। जन्म भूमि पर श्रीराम मंदिर निर्माण कर एकता का संदेश देंगे।
महंत बालक दास ने कहा कि धरती पर अवतरण के बाद प्रभु राम का स्वागत तो सभी प्राणी करते हैं क्योंकि राम सभी धर्म, जाति, पंथ और देश के हैं। नाजनीन ने कहा कि भारत में रहने वाले हर एक व्यक्ति के पूर्वज भगवान श्रीराम हैं।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक संस्था है उसका काम लोगों को सही राह दिखाना है पर वह गुमराह कर रहा है। उसकी जांच होनी चाहिए। फंडिंग कहां से होती है, इसकी भी पड़ताल हो। नजमा परवीन ने कहा कि धमकियों से वह डरने वाली नही है।शबाना बानो, अशोक यादव आदि ने भी अपने विचार रखे।
महंत बालक दास ने कहा कि धरती पर अवतरण के बाद प्रभु राम का स्वागत तो सभी प्राणी करते हैं क्योंकि राम सभी धर्म, जाति, पंथ और देश के हैं। नाजनीन ने कहा कि भारत में रहने वाले हर एक व्यक्ति के पूर्वज भगवान श्रीराम हैं।
उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक संस्था है उसका काम लोगों को सही राह दिखाना है पर वह गुमराह कर रहा है। उसकी जांच होनी चाहिए। फंडिंग कहां से होती है, इसकी भी पड़ताल हो। नजमा परवीन ने कहा कि धमकियों से वह डरने वाली नही है।शबाना बानो, अशोक यादव आदि ने भी अपने विचार रखे।