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वाराणसीः मुस्लिम महिलाओं ने होली खेलकर दिया सौहार्द का संदेश, पीएम मोदी की तस्वीर पर लगाया गुलाल
Wed, 16 Mar 2022 10:02 PM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Wed, 16 Mar 2022 10:02 PM IST
सार
फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा कि दुनिया में लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो हम अपने पूर्वजों की संस्कृति, तीज, त्योहार क्यों नहीं अपना सकते हैं।
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वाराणसी में फूल की होली खेलती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी में मुस्लिम महिला फाउंडेशन व विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को सुभाष भवन लमही में होली महोत्सव का आयोजन हुआ। मुस्लिम महिलाओं ने पीएम मोदी की तस्वीर पर गुलाल लगाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
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ढोल की थाप पर मुस्लिम महिलाओं के योगी आई गईने अब डर काहेका, फिजा में उड़ावा गुलाल अब डर काहेका... जैसे गीतों से पूरा माहौल होलियाना हो गया। फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजनीन अंसारी ने कहा कि दुनिया में लोग अपनी संस्कृति बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो हम अपने पूर्वजों की संस्कृति, तीज, त्योहार क्यों नहीं अपना सकते हैं। धर्म बदल लेने से पूर्वज नहीं बदलते।
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कचहरी में कवियों ने खूब गुदगुदाया
सिविल कोर्ट परिसर में अबीर गुलाल और हास्य कवि सम्मेलन के बीच होली मिलन समारोह बुधवार को मना। सेंट्रल और बनारस बार एसोसिएशन की ओर से समारोह में कवियों ने खूब गुदगुदाया। समारोह में एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी गई।
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हास्य कवि दमदार बनारसी के संचालन में शबीना अदीब ने हिंदू मुस्लिम बाद में हैं, पहले हम हिंदुस्तानी है, मेरा मकसद है दुनिया में मोहब्बत आम हो जाये सुनाया। कवि प्रीति पांडेय ने सुनाया कि उड़ेगी खोलकर पंखे जिस दिन आसमां में ये, फलक पर नाम लिख जाएंगी...।