वाराणसी में गला काटकर हुई थी हत्या: कमरे में मिली थी खून से सनी लाश, परिजनों में मचा कोहराम; जानें मामला
परिजनों ने अपने पिता के हत्यारे के लिए शिकायत दर्ज कराई है लेकिन किसी पर शंक नहीं जताया है। पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुट गई है। बेटे के अनुसार, पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है।
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हुकुलगंज निवासी सब्जी विक्रेता जितेंद्र जायसवाल (55) के गले पर धारदार औजार से दो बार वार कर उसकी हत्या की गई थी। यह खुलासा शनिवार को जितेंद्र के पोस्टमार्टम से हुआ। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने मणिकर्णिका घाट पर शव की अंत्येष्टि की, जहां मुखाग्नि इकलौते बेटे अंकित ने दी। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र के हुकुलगंज निवासी जितेंद्र जायसवाल का पैर चार महीने पहले सड़क हादसे में टूट गया था। वह टीबी का भी मरीज था। इसी वजह से वह इन दिनों हुकुलगंज में पुश्तैनी मकान के एक कमरे में रहता था।
पुश्तैनी मकान में ही उसके तीन अन्य भाई भी परिवार के साथ रहते हैं। जितेंद्र ने पुश्तैनी मकान के बगल में किराये पर कमरा भी ले रखा था। शुक्रवार शाम जितेंद्र की बेटी अमृता उसके कमरे में गई तो टेलीविजन ऑन था। जितेंद्र बिस्तर पर लहूलुहान मृत पड़ा था। उसके गले से खून बह रहा था। बेटी के शोर मचाने पर पत्नी उषा, बड़ी बेटी, सोनम, बेटा अंकित और आसपास के लोग आए।
मकान के विवाद में की गई हत्या, नहीं हुई एफआईआर
अंकित ने मुखाग्नि देने के बाद शनिवार रात बताया कि पुश्तैनी मकान के विवाद में ही उसके पिता की हत्या की गई है। इसमें परिवार के लोगों की भूमिका ही संदिग्ध है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी एफआईआर नहीं दर्ज की गई। पुलिस क्या और कैसे जांच कर रही है, समझ में नहीं आ रहा है। हमारे परिवार के आधार पिता अब रहे नहीं। पुलिस सही तरीके से जांच करे तो सच उजागर हो जाएगा।
बोले अधिकारी
परिजनों ने पोस्टमार्टम करा कर मौत की वजह जानने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने लिखित में किसी पर शक नहीं जाहिर किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट थाने पर आएगी तो उसके आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। - चंद्रकांत मीना, डीसीपी वरुणा जोन।