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Mukhtar Ansari: रूंगटा को धमकी देने के मामले में मुख्तार दोषी करार, पांच साल छह माह की सजा
Fri, 15 Dec 2023 02:55 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 15 Dec 2023 02:55 PM IST
सार
नंद किशोर रूंगटा के भाई महावीर प्रसाद रुंगटा को फोन कर धमकी दी गई थी कि अपहरण कांड की पैरवी न करें, नहीं तो बम से उड़ा दिया जाएगा।
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मुख्तार अंसारी (फाइल)
- फोटो : फाइल फोटो।
विस्तार
कोयला व्यवसायी नंद किशोर रुंगटा के भाई महावीर प्रसाद रूंगटा को धमकाने के मामले में आरोपी मुख्तार अंसारी को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। कोर्ट ने मुख्तार को पांच साल छह माह की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर दो माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होंगी। फैसला अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन प्रथम/एमपी एमएलए अदालत के प्रभारी उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत ने सुनाया।
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सुनवाई के दौरान संयुक्त निदेशक अभियोजन हरकिशोर सिंह और वादी के अधिवक्ता विधानचंद यादव और ओपी सिंह ने अभियोजन का पक्ष रखा। बांदा जेल में बंद मुख्तार के हस्ताक्षर के बाद फैसला बाहर आएगा।
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बता दें कि रूंगटा को धमकी देने के मामले में गुरुवार को आरोपी मुख्तार अंसारी का बयान अदालत में दर्ज किया गया। बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये कोर्ट में पेश हुआ। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत में विचाराधीन इस मामले में अदालत द्वारा जो सवाल पूछा गया, मुख्तार अंसारी ने उसका जवाब दिया। अदालत ने अगली सुनवाई और आरोपी का लिखित कथन दाखिल करने के लिए 17 अगस्त की तिथि नियत की है।
वादी ने अपने बयान मे कहा था कि उनका भाई नंद किशोर रुंगटा विश्व हिन्दू परिषद का राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष जिनका अपहरण कर लिया गया और 1.25 करोड़ फिरौती के बाद भी उसे नहीं छोड़ा गया। उसके बाद उनकी पत्नी ने सीबीआई जांच के लिए आवेदन दिया था, जो मंजूर हो गया था। हम लोग पैरवी कर रहे थे उसी दौरान मुख्तार ने धमकी दी कि तुम लोग अभी भी संभल जाओ। पैरवी करना बंद कर दो, नहीं तो मार दिए जाओगे। धमकी से आशंका थी कि कभी भी अनहोनी हो सकती है। जिसके बाद वादी ने डीआईजी से मिलकर गुहार लगाई और मुकदमा दर्ज कराया।
यह है मामला
रवींद्रपुरी कॉलोनी निवासी कोयला व्यवसायी नंद किशोर रूंगटा का 22 जनवरी 1997 को अपहरण किया गया था। इस मुकदमे की विवेचना के बीच पांच नवंबर 1997 की शाम नंद किशोर रूंगटा के भाई महावीर प्रसाद रुंगटा को फोन कर धमकी दी गई कि अपहरण कांड की पैरवी न करें, नहीं तो बम से उड़ा दिया जाएगा। इस मामले में एक दिसंबर 1997 को भेलूपुर थाने में मुख्तार अंसारी के खिलाफ धमकाने का मुकदमा दर्ज किया गया था।