मुहर्रम: 250 साल की रवायती दुलदुल व ताबूत का जुलूस, शहनाई पर मातमी धुन; नौहाख्वानों ने पेश किए दर्द भरे नौहा
Varanasi News: वाराणसी में तीसरे मुहर्रम पर करीब 250 वर्ष पुरानी रवायती दुलदुल और ताबूत का कदीमी जुलूस निकाला गया। शहनाई पर मातमी धुनों के बीच बड़ी संख्या में अकीदतमंद जियारत के लिए उमड़े। नौहाख्वानों ने दर्दभरे नौहे पेश किए। तीन पारंपरिक जुलूसों के बाद गंगातट पर ठंडा की रस्म अदा की गई।
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Muharram: तीसरे मुहर्रम को भी मजलिस, मातम और जुलूस उठाने का सिलसिला चला। अजाखानों में हुई मजलिसों में कर्बला के मंजर बयां किए गए। सौ से दो सौ साल कदीमी जुलूस उठे। गम ए हुसैन याद में तीन कदीमी जुलूस पूरी अकीदत और एहतराम के साथ उठाए गए।
पहला जुलूस औसानगंज स्थित नवाब की ड्योढ़ी से 100 साल से भी अधिक पुराना जुलूस मेहंदी बख्त के संयोजन में उठा। जुलूस में शामिल अलम व दुलदुल की जियारत के लिए मर्द और ख्वातीन की भीड़ रही। जुलूस से पहले हुई मजलिस को प्रो. अजीज हैदर ने खिताब किया।
अंजुमन जौव्वादिया, अंजुमन हुसैनिया और अंजुमन सज्जादिया के नौहाख्वानों ने नौहा गूंजी ये कर्बला में सदा मैं हुसैन हूं नाना मेरे रसूले खुदा मैं हुसैन हूं...आदि नौहा पेश करते हुए चल रहे थे। जाकिर हुसैन और उनके साथी शहनाई पर मातमी धुन बजाकर गम का नज़राना पेश कर रहे थे। लोहटया, काशीपुरा, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, शेख सलीम, काली महल ,माता कुंड, पितरकुंडा होते हुए दरगाहे फातमान पहुंचकर जुलूस ठंडा हुआ।
जुलूस में मेहंदी बाख्त, असद बाख्त, इकबाल हुसैन, हैदर मौलाई, इमरान हुसैन, जैदी शकील, हुसैन जैदी, जफर हसन, शकील अहमद जादूगर आदि शामिल रहे। 250 साल साल कदीमी दूसरा जुलूस शिवाला इमामबाड़े से रात में उठाया गया। हाजी अंसार हुसैन रिजवी ने मजलिस खिताब किया।
अंजुमन गुलजार ए अब्बासिया के नौहाख्वानों ने दर्द भरे नौहे के साथ सीनाजनी कर मातम पेश किया। जुलूस पारंपरिक रास्तों से होते हुए गलियों होकर मस्जिद के पास से गुजरा और शिवाला घाट से छेड़ी टोला में दाखिल हुआ। जुलूस हरिश्चंद्र घाट के पास कुम्हार के इमामबाड़े पर पहुंचा।
अजादारों ने अलम व ताबूत को रखकर जुलूस को ठंडा किया। यही पाक ताजिया 10वीं मुहर्रम (यौमे आशुरा) को उठाया जाएगा। तीसरा जुलूस रामनगर में उठा। रात में वारीगढ़ी स्थित सगीर अहमद के निवास से अलम, दुलदुल और ताबूत का जुलूस की जियारत के लिए अंजुमनों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और मातम किया। रास्ते में अजादारों और जियारत मंदों भीड़ उमड़ी रही। इस दौरान कड़ी सुरक्षा रही।
आज यहां से उठेगा जुलूस
चौथी मुहर्रम को पहला जुलूस चौहट्टा लाल खान से दोपहर में इमामबाड़े से अलम व ताबूत का उठेगा। दूसरा शिवाला के मोहल्ला करमटीला से सैयद आलिम हुसैन रिजवी के संयोजन में उठेगा। तीसरा चौहट्टा लाल खान मस्जिद से शाम को अलम, दुलदुल और ताबूत का जुलूस उठाया जाएगा। पहुंचकर समाप्त होगा।