मुहर्रम डायवर्जन: सुबह 7 बजे से चंद्रा चौराहा से पंचकोशी की ओर नहीं जाएंगे वाहन, ADCP का निर्देश; जानें उपाय
Varanasi News: वाराणसी में 26 जून को सुबह सात बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। चंद्रा चौराहा, पंचकोशी, कज्जाकपुरा और गोलगड्डा मार्गों पर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वाहन चालकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
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मोहर्रम के अवसर पर ताजिया ठंडी करने की रस्म और विभिन्न जुलूसों को देखते हुए वाराणसी में 26 जून 2026 को विशेष यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। यह व्यवस्था सुबह सात बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। यातायात पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है।
यातायात विभाग के अनुसार चंद्रा चौराहा से पंचकोशी चौराहे की ओर किसी भी प्रकार के वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी। इस मार्ग से आने वाले वाहनों को आशापुर से संदाहा अथवा पुलिस लाइन चौराहा होते हुए अपने गंतव्य तक जाना होगा। इसी प्रकार पंचकोशी चौराहे से पुराना पुल और कज्जाकपुरा की ओर जाने वाले वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे वाहनों को आशापुर से पांडेयपुर चौराहा होते हुए वैकल्पिक मार्ग से भेजा जाएगा।
इसके अलावा गोलगड्डा तिराहे से कज्जाकपुरा ओवरब्रिज की तरफ भी वाहनों का संचालन बंद रहेगा। इस मार्ग का उपयोग करने वाले वाहन लकड़ी मंडी और चौकाघाट होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यातायात पुलिस ने संबंधित मार्गों पर बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती की व्यवस्था की है, ताकि डायवर्जन का प्रभावी ढंग से पालन कराया जा सके।
एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि मोहर्रम के दौरान विभिन्न स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आमजन के एकत्र होने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें और यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।
यातायात पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि असुविधा से बचने के लिए प्रतिबंधित मार्गों के बजाय वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें। अधिकारियों का मानना है कि आमजन के सहयोग से मोहर्रम के कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराए जा सकेंगे।