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UP: BHU के MS ने अपने ही अस्पताल की खोल दी पोल, रिपोर्ट में लिखी चौंकाने वाली बात; कमिश्नर को भेजा लेटर

Wed, 14 Aug 2024 07:53 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 14 Aug 2024 07:53 PM IST
सार

Varanasi News: बीएचयू अस्पताल में दो दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में बीमार बच्चे को गोद में लेकर एक पिता जांच करवाने के लिए जा रहा था। उसे न तो स्ट्रेचर मिला और न ही व्हील चेयर। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद बीएचयू प्रशासन में हड़कंप मच गया था। 

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MS of BHU exposed own hospital wrote shocking things in report serious allegations head of department
बीएचयू एमएस की ओर से कमिश्नर को भेजी गई रिपोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में बाहर से आने वाली कई जांचें भी की जा रही हैं। इसकी जानकारी अस्पताल प्रशासन को नहीं मिल पाती है। इसकी रिपोर्ट खुद अस्पताल के चिकित्साधीक्षक प्रो. कैलाश कुमार ने मंडलायुक्त को भेजी है। इसकी कॉपी जिलाधिकारी, आईएमएस निदेशक, कुलसचिव को भी दी गई है। जबकि बीएचयू के कुलपति को नहीं दी गई है।

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इसमें उन्होंने यह भी कहा है कि अस्पताल में बनी सीसीआई लैब में पैथालॉजी विभाग के लिए कमरा एक साल पहले से आवंटित है, इसके बाद भी यहां जांच नहीं शुरू की जा रही है। इस वजह से यहां ताला लगा रहता है। मरीजों को असुविधा झेलनी पड़ती है।

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यह है मामला
अस्पताल में एक पिता के अपने बेटे को कंधे पर उठाकर जांच के लिए आईएमएस निदेशक कार्यालय तक जाने के मामले का संज्ञान शासन ने लिया है। इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर भी साझा की गई और वायरल भी हुई। कमिश्नर ने इसका जवाब अस्पताल के चिकित्साधीक्षक से रिपोर्ट मांगी थी।

चिकित्साधीक्षक ने जो जवाब भेजा हैं, वह भी चौंकाने वाला है। जहां एक ओर उन्होंने यह बताया है कि संबंधित व्यक्ति किसी तरह की जांच या उपचार के लिए नहीं आया था, वहीं पैथालॉजी विभाग के अध्यक्ष की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा किया है।

कमिश्नर को दी गई रिपोर्ट में प्रो. केके गुप्ता ने बताया है कि अस्पताल के सीसीआई लैब में कमरा नंबर छह पैथालॉजी विभाग को प्रयोगशाला में एफएनएसी जांच के लिए एक साल पहले से आवंटित किया गया है। इसमें सभी सुविधाएं भी हैं। इसके बाद भी विभागाध्यक्ष की ओर से इसकी शुरुआत नहीं की गई। यहां ताला लगा है, इस कारण मरीजों को हर दिन असुविधा भी झेलनी पड़ रही है।

यह भी बताया है कि आईएमएस निदेशक की ओर से भी कई बार पैथालॉजी विभाग के अध्यक्ष को निर्देशित किया जा चुका है लेकिन इसका पालन नहीं किया गया है।

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बीएचयू अस्पताल। - फोटो : अमर उजाला

बाहर की जांच का प्रमाण दिखाएं एमएस, निदेशक को लिखूंगा पत्र
अस्पताल के एमएस प्रो. केके गुप्ता द्वारा कमिश्नर को दी गई रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि यह सब मनगढंत हैं। एमएस को पैथालॉजी विभाग में बाहर की होने वाली जांच का प्रमाण दिखाना चाहिए। 

अस्पताल में आने वाले ही मरीजों का दबाव इतना होता है कि हर संभव जांच समय से करने की पूरी कोशिश की जाती है। ऐसे में इस तरह का आरोप लगाना गलत है। इस बारे में आईएमएस निदेशक को पत्र लिखूंगा कि वह इसकी जांच करवा लें।

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