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महिला समागम में बोलीं मृदुला सिन्हा, बेटियां विशेष हैं, इनका सम्मान कर बढ़ाएं मान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 08 Jan 2018 02:15 PM IST
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महिला समागम में बोलती मृदुला सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
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वाराणसी में भारत विकास परिषद काशी प्रांत की ओर से रविवार को आयोजित रीजनल महिला समागम अन्नपूर्णा में रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। साथ ही, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
मुख्य अतिथि गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि बेटियां विशेष हैं। उन्होंने लोगों से उनका सम्मान करने और मान बढ़ाने का आह्वान किया। अलग-अलग कहानी, गीत के माध्यम से उन्होंने समाज में बेटियों के महत्व और महिलाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां का सर्वोच्च स्थान है, यहां मातृशक्ति को देवी का दर्जा दिया गया है। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी योग्यता के आधार पर यह सिद्ध कर दिया है, वह किसी से भी कम नहीं हैं।
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मुख्य अतिथि गोवा की राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने कहा कि बेटियां विशेष हैं। उन्होंने लोगों से उनका सम्मान करने और मान बढ़ाने का आह्वान किया। अलग-अलग कहानी, गीत के माध्यम से उन्होंने समाज में बेटियों के महत्व और महिलाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की।
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में मां का सर्वोच्च स्थान है, यहां मातृशक्ति को देवी का दर्जा दिया गया है। समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी योग्यता के आधार पर यह सिद्ध कर दिया है, वह किसी से भी कम नहीं हैं।
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स्टॉलों पर खरीददारी करने उमड़े लोग
महिला समागम में पुस्तक का विमोचन करती मृदुला सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
मृदुला सिन्हा ने आयोजकों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यही एक परिषद है, जहां अगर पति सदस्य बनता है तो पत्नी अपने आप सदस्य बन जाती है। एक परिवार में इसके मूल मंत्र संपर्क, सहयोग, संस्कार, सेवा और समर्पण के आधार पर आगे बढ़ने की जरूरत है।
इस दौरान रीजनल सेक्रेट्री संगठन नवीन श्रीवास्तव की देखरेख में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर प्रतिभागियों ने तालियां बटोरीं। इस दौरान नृत्यों के माध्यम से काशी की झलक, काल भैरव, नव दुर्गा, नव गौरी का दर्शन कराया गया, वहीं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि का संदेश दिया गया।
समागम के दौरान हस्तनिर्मित सामानों, साड़ी, सूट, रंग-बिरंगे परिधानों, साज सज्जा के सामानों, खान-पान के लगे 20 से अधिक स्टॉलों पर खरीदारी करने वालों की भीड़ लगी रही। लोग अपने परिवार संग यहां पहुंचे और अपने मनपसंद सामानों को खरीदा। कुछ स्टॉलों पर सामानों पर 10 से 20 प्रतिशत तक छूट भी दी जा रही थी।
इस दौरान रीजनल सेक्रेट्री संगठन नवीन श्रीवास्तव की देखरेख में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति कर प्रतिभागियों ने तालियां बटोरीं। इस दौरान नृत्यों के माध्यम से काशी की झलक, काल भैरव, नव दुर्गा, नव गौरी का दर्शन कराया गया, वहीं बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ आदि का संदेश दिया गया।
समागम के दौरान हस्तनिर्मित सामानों, साड़ी, सूट, रंग-बिरंगे परिधानों, साज सज्जा के सामानों, खान-पान के लगे 20 से अधिक स्टॉलों पर खरीदारी करने वालों की भीड़ लगी रही। लोग अपने परिवार संग यहां पहुंचे और अपने मनपसंद सामानों को खरीदा। कुछ स्टॉलों पर सामानों पर 10 से 20 प्रतिशत तक छूट भी दी जा रही थी।