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Varanasi News: मां मणिकर्णिका का हुआ शृंगार, आज कुंड में लगेगी आस्था की डुबकी
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मां मणिकर्णिका का हुआ श्रृंगार। संवाद
मणिकर्णिका घाट स्थित पवित्र तीर्थ चक्रपुष्करणि (मणिकर्णिका कुंड) में मां मणिकर्णिका देवी का दो दिवसीय शृंगार महोत्सव सोमवार को शुरू हुआ। माता का अलौकिक शृंगार और रुद्राभिषेक हुआ। दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ रही। विदेशी भक्त भी पहुंचे थे। मंगलवार को दिन में 12 बजे कुंड पर स्नान होगा।
मंदिर के प्रधान पुरोहित जयेंद्रनाथ दुबे ‘बब्बू महाराज’ के आचार्यत्व में मां मणिकर्णिका की प्रतिमा का विशेष अनुष्ठान हुआ। पुरोहित के आवास से मां की प्रतिमा कुंड पर लाई गई। विधिवत मां का भव्य शृंगार हुआ। पारंपरिक वस्त्र, स्वर्ण-रजत आभूषण एवं पुष्पमालाओं से देवी को अलंकृत किया गया। मां की आरती उतारी गई। कुंड परिसर भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। हर-हर महादेव का जयघोष गूंजता रहा। भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।
जयेंद्रनाथ दुबे ने बताया कि अक्षय तृतीया के अगले दिन इस पवित्र कुंड में स्नान की परंपरा है। भक्त स्नान कर मां का दर्शन-पूजन करेंगे। मां को छप्पन भोग लगाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन कुंड में स्नान करने से भक्तों को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और उनके कष्ट एवं रोग दूर हो जाते हैं।
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मंदिर के प्रधान पुरोहित जयेंद्रनाथ दुबे ‘बब्बू महाराज’ के आचार्यत्व में मां मणिकर्णिका की प्रतिमा का विशेष अनुष्ठान हुआ। पुरोहित के आवास से मां की प्रतिमा कुंड पर लाई गई। विधिवत मां का भव्य शृंगार हुआ। पारंपरिक वस्त्र, स्वर्ण-रजत आभूषण एवं पुष्पमालाओं से देवी को अलंकृत किया गया। मां की आरती उतारी गई। कुंड परिसर भक्ति और श्रद्धा से सराबोर रहा। हर-हर महादेव का जयघोष गूंजता रहा। भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।
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जयेंद्रनाथ दुबे ने बताया कि अक्षय तृतीया के अगले दिन इस पवित्र कुंड में स्नान की परंपरा है। भक्त स्नान कर मां का दर्शन-पूजन करेंगे। मां को छप्पन भोग लगाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन कुंड में स्नान करने से भक्तों को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। उनके जीवन में सुख-समृद्धि आती है और उनके कष्ट एवं रोग दूर हो जाते हैं।
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