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तीन तलाक दरकिनार, बेटे के खिलाफ खड़ी हुई मां, पढ़िए एक अनोखा मामला
ब्यूरो,अमर उजाला,जौनपुर
Updated Wed, 10 May 2017 03:29 PM IST
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तीन तलाक खत्म करने के लिए सास और बहू ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र
- फोटो : demo
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तीन तलाक देने पर अड़े युवक के खिलाफ उसकी मां दीवार बनकर खड़ी हो गई। मां ने बहू को आगाह कर दिया कि मुंबई में रह रहा उसका पुत्र अगर फोन पर तलाक देने की कोशिश करे तो उसके तीन तलाक कहने से पहले फोन काट दे। इसके अलावा डाक से आने वाली किसी चिट्ठी को भी न ले।
सास-बहू ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तीन तलाक व्यवस्था खत्म करने की मांग की है।
खेतासराय निवासी मोहम्मद फैज मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। यहां उसकी पत्नी आयशा अपने दो बच्चों एवं सास रुखसाना के साथ रहती है। आयशा ने फैज पर दहेज उत्पीड़न और गुजारा भत्ता का मुकदमा भी 30 अक्तूबर 2013 को किया हुआ है।
कोर्ट ने फैज को आदेश दिया है कि पत्नी व बच्चों को प्रति माह गुजारा भत्ता अदा करें लेकिन उसने गुजारा भत्ता नहीं दिया। उसके खिलाफ रिकवरी वारंट जारी है। मंगलवार को मुकदमे के सिलसिले में कचहरी सास के साथ आई आयशा ने बताया कि पति भले परेशान करता हो, पर सास उसे व बच्चों को बहुत चाहती हैं।
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रुखसाना का भी कहना है कि वह बहू व पोतों के बगैर नहीं रह सकती। उसे पिछले दिनोें पता चला कि फैज तलाक देने के संबंध में शादी में अगुवा रहे व्यक्तियों एवं मुफ्ती आदि से सलाह ले रहा है। इस पर उसने बहू आयशा को सतर्क कर दिया कि फैज के फोन आने पर सावधानी से बात करे।
आयशा के मुताबिक अप्रैल में फैज ने फोन करके जैसे ही तलाक कहा, उसने फौरन फोन काट दिया और तीन तलाक की घोषणा पूरी नहीं हो पाई। सास रुखसाना ने कहा कि अगर आयशा तीन तलाक शब्द सुन लेती तो तलाक हो जाता और वह अपने बहू व पोतों के साथ से महरूम हो जाती।
आयशा ने कहा कि अगर कोई रजिस्ट्री भी आएगी तो वह उसे नहीं लेगी क्योंकि पति रजिस्ट्री से भी तीन तलाक भेज सकता है। उधर रुखसाना का कहना है कि अगर किसी भी प्रकार उसका बेटा बहू को तीन तलाक देने में सफल भी हो जाता है तो भी वह अपने बहू व पोतों के साथ रहेगी और इस मुद्दे पर बेटे की खिलाफत करेगी।
रुखसाना और आयशा ने पिछले हफ्ते अपने वकील की मार्फत प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर तीन तलाक व्यवस्था खत्म करने की मांग की है।
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सास-बहू ने इस संबंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर तीन तलाक व्यवस्था खत्म करने की मांग की है।
खेतासराय निवासी मोहम्मद फैज मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। यहां उसकी पत्नी आयशा अपने दो बच्चों एवं सास रुखसाना के साथ रहती है। आयशा ने फैज पर दहेज उत्पीड़न और गुजारा भत्ता का मुकदमा भी 30 अक्तूबर 2013 को किया हुआ है।
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कोर्ट ने फैज को आदेश दिया है कि पत्नी व बच्चों को प्रति माह गुजारा भत्ता अदा करें लेकिन उसने गुजारा भत्ता नहीं दिया। उसके खिलाफ रिकवरी वारंट जारी है। मंगलवार को मुकदमे के सिलसिले में कचहरी सास के साथ आई आयशा ने बताया कि पति भले परेशान करता हो, पर सास उसे व बच्चों को बहुत चाहती हैं।
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रुखसाना का भी कहना है कि वह बहू व पोतों के बगैर नहीं रह सकती। उसे पिछले दिनोें पता चला कि फैज तलाक देने के संबंध में शादी में अगुवा रहे व्यक्तियों एवं मुफ्ती आदि से सलाह ले रहा है। इस पर उसने बहू आयशा को सतर्क कर दिया कि फैज के फोन आने पर सावधानी से बात करे।
आयशा के मुताबिक अप्रैल में फैज ने फोन करके जैसे ही तलाक कहा, उसने फौरन फोन काट दिया और तीन तलाक की घोषणा पूरी नहीं हो पाई। सास रुखसाना ने कहा कि अगर आयशा तीन तलाक शब्द सुन लेती तो तलाक हो जाता और वह अपने बहू व पोतों के साथ से महरूम हो जाती।
आयशा ने कहा कि अगर कोई रजिस्ट्री भी आएगी तो वह उसे नहीं लेगी क्योंकि पति रजिस्ट्री से भी तीन तलाक भेज सकता है। उधर रुखसाना का कहना है कि अगर किसी भी प्रकार उसका बेटा बहू को तीन तलाक देने में सफल भी हो जाता है तो भी वह अपने बहू व पोतों के साथ रहेगी और इस मुद्दे पर बेटे की खिलाफत करेगी।
रुखसाना और आयशा ने पिछले हफ्ते अपने वकील की मार्फत प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर तीन तलाक व्यवस्था खत्म करने की मांग की है।
Divorce
आयशा की शादी खेतासराय के ही फैज उर्फ गुड्डू से हुई थी। आयशा के दो बच्चे हैं। उसने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा किया है कि 30 अक्टूबर 2013 को दहेज में बाइक की मांग को लेकर उसे मारपीट कर ससुराल से निकाल दिया गया। साथ ही उसने गुजारा भत्ता का भी मुकदमा किया है।
जिसमें कोर्ट ने फैज को आदेश दिया है कि पत्नी व बच्चों को प्रति माह गुजारा भत्ता अदा करें लेकिन उसने गुजारा भत्ता नहीं दिया। उसके खिलाफ रिकवरी वारंट जारी है। इसी बीच तीन तलाक के संबंध में पति की तलाक को लेकर मुफ्ती अधिक से मीटिंग हुई।
लेकिन सास रुखसाना व अगुआ की सूझबूझ के कारण ऐसा नहीं हो पाया और फैज के मंसूबे पर पानी फिर गया। फैज के तीन तलाक देने की इच्छा को न मानकर आयशा अपने बच्चों व सास के साथ प्रेम से रह रही है। सास की समझदारी की क्षेत्र में काफी चर्चा है।
जिसमें कोर्ट ने फैज को आदेश दिया है कि पत्नी व बच्चों को प्रति माह गुजारा भत्ता अदा करें लेकिन उसने गुजारा भत्ता नहीं दिया। उसके खिलाफ रिकवरी वारंट जारी है। इसी बीच तीन तलाक के संबंध में पति की तलाक को लेकर मुफ्ती अधिक से मीटिंग हुई।
लेकिन सास रुखसाना व अगुआ की सूझबूझ के कारण ऐसा नहीं हो पाया और फैज के मंसूबे पर पानी फिर गया। फैज के तीन तलाक देने की इच्छा को न मानकर आयशा अपने बच्चों व सास के साथ प्रेम से रह रही है। सास की समझदारी की क्षेत्र में काफी चर्चा है।