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प्रचार-प्रसार के अभाव में खाली जा रहीं ज्यादातर इलेक्ट्रिक बसें
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जिले में शनिवार को इलेक्ट्रिक बसों को प्रभारी मंत्री आशुतोष टंडन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। प्रचार प्रसार के अभाव में बसों में भीड़ नहीं दिखी। पहले दिन 204 और दूसरे दिन 680 यात्रियों ने सफर किया। जबकि जिन्होंने बस में सफर किया वह सेवा से काफी खुश दिखे। काशी वासियों को वातानुकूलित सफर की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत तो की गई, लेकिन ज्यादातर लोग इससे अनजान दिखाई दे रहे हैं।
बीएचयू के छात्र हैं। लंका जाने लिए बस में बैठे हैं। जानकारी नहीं थी की एसी बस भी शहर में चल रही है। बस में काफी अच्छी सुविधा है।
- आशुतोष मौर्य, यात्री
लंका जा रहे हैं। बस का सफर आरामदायक है। कहीं कोई आवाज भी नहीं है। पहली बार सफर किया, आगे भी इसी बस से सफर करेंगे।
- आदित्य यादव, यात्री
राजातालाब जाना था। बस दिखी और बैठ गए। पहली बार पता चला कि इलेक्ट्रिक बस भी चलाई जा रही है। सुरक्षा के साथ काफी आराम भी है।
- अंकित कुशवाहा, यात्री
मोहनसराय जा रहे हैं। पहली बार सफर कर रहे हैं। बस में सीट बेल्ट और कैमरे भी हैं। सफर काफी किफायती है।
- धर्मेंद्र कुमार, यात्री
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बीएचयू के छात्र हैं। लंका जाने लिए बस में बैठे हैं। जानकारी नहीं थी की एसी बस भी शहर में चल रही है। बस में काफी अच्छी सुविधा है।
- आशुतोष मौर्य, यात्री
लंका जा रहे हैं। बस का सफर आरामदायक है। कहीं कोई आवाज भी नहीं है। पहली बार सफर किया, आगे भी इसी बस से सफर करेंगे।
- आदित्य यादव, यात्री
राजातालाब जाना था। बस दिखी और बैठ गए। पहली बार पता चला कि इलेक्ट्रिक बस भी चलाई जा रही है। सुरक्षा के साथ काफी आराम भी है।
- अंकित कुशवाहा, यात्री
मोहनसराय जा रहे हैं। पहली बार सफर कर रहे हैं। बस में सीट बेल्ट और कैमरे भी हैं। सफर काफी किफायती है।
- धर्मेंद्र कुमार, यात्री