बीएचयू अस्पताल में हड़ताल: चार दिन में टालनी पड़ी 300 से ज्यादा सर्जरी, आईसीयू और इमरजेंसी ठप करने की चेतावनी
बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में 20 दिसंबर की शाम को पिटाई के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। रविवार को भी आईएमएस निदेशक कार्यालय के पास दिन भर जूनियर डाॅक्टर बैठे रहे।
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बीएचयू अस्पताल की इमरजेंसी में 20 दिसंबर की शाम को पिटाई के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी है। आज पांचवे दिन भी आईएमएस निदेशक कार्यालय के पास जूनियर डाॅक्टर धरने पर बैठे हैं। हड़ताल के कारण चार दिन में बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर को मिलाकर करीब 300 से अधिक सर्जरी टालनी पड़ी है। सभी हमलावरों की गिरफ्तारी के साथ ही सुरक्षा आदि के मामले में ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं।
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर मिलाकर हर दिन औसतन 150 से अधिक सर्जरी होती है लेकिन चार दिन से महज 50 से 60 मरीजों की सर्जरी हो पा रही है। सामान्य ऑपरेशन को टाल दिया जा रहा है। जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि जब सब कुछ सीसीटीवी फुटेज में कैद है तो पुलिस क्यों नहीं गिरफ्तारी कर रही है, यह समझ से परे हैं। बिना सुरक्षा के इस माहौल में काम करना भी ठीक नहीं है।
आईसीयू, इमरजेंसी ठप रखने पर आज होगा अंतिम फैसला
जूनियर डॉक्टरों ने शनिवार की सुबह से आईसीयू, इमरजेंसी में भी सेवा ठप रखने का निर्णय लिया था, लेकिन दोपहर में एसीपी भेलूपुर प्रवीण सिंह, आईएमएस निदेशक प्रो.एसके सिंह, ट्रॉमा सेंटर प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ बैठक को लेकर उन्होंने इस फैसले को सोमवार तक टाल दिया।
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जूनियर डॉक्टरों ने बताया कि सोमवार को एक बार फिर बैठक होगी। अगर हमलावरों की गिरफ्तारी तब तक नहीं होती है तो आईसीयू, इमरजेंसी के साथ ही इमरजेंसी ओटी समेत सभी सेवाओं को ठप कर दिया जाएगा।
नुक्कड़ नाटक से बताया दर्द, निकाला कैंडल मार्च
जूनियर डॉक्टरों ने रविवार देर शाम को आईएमएस गेट के पास नुक्कड़ नाटक का मंचन कर अस्पताल की इमरजेंसी में घटित घटनाओं का दृश्य दिखाया। इसके बाद आइएमएस बीएचयू गेट से वीसी आवास तक कैंडल मार्च भी निकाला।