{"_id":"329a728e9a20b0867aa71a59a2bc7b4c","slug":"moral-envention-make-self-our-country-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौलिक आविष्कार से देश होगा स्वावलंबी : डा. चिदंबरम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौलिक आविष्कार से देश होगा स्वावलंबी : डा. चिदंबरम
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2015 02:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। बड़ी-बड़ी प्रयोगशालाएं बनाने के बजाय छोटे-छोटे मौलिक आविष्कार करने की जरूरत है। दुनिया में भारत को स्थापित करने के लिए वैज्ञानिक क्षेत्र में स्वावलंबी बनना जरूरी है।
विज्ञापन
यह बात बीएचयू के शताब्दी वर्ष समारोह के तहत शुक्रवार को विज्ञान संकाय संगोष्ठी कक्ष में आयोजित व्याख्यान में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार डा. आर चिदंबरम ने कही।
विज्ञापन
‘टू बिकम ए नॉलेज इकोनॉमी’ विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है। जरूरी नहीं है कि मौलिक अविष्कारों के लिए बड़ी प्रयोगशालाएं बनाई जाएं। छोटे छोटे मौलिक उपयोगी अविष्कारों को बढ़ावा देकर ‘मेक इन इंडिया’ को सफल बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
तकनीकी कुशलता के मामले में हम किसी अन्य देश की ही तरह हैं। हमारी कंपनियां भी तैयार हैं लेकिन हमें आयातित तकनीकी के बजाय अपनी मौलिक तकनीकी विकसित करन होगी। इसमें हमारे विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान अहम भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हम मात्र नाभिकीय या तापीय ऊर्जा पर निर्भर नहीं रह सकते है। हमें ऊर्जा के हर संभव क्षेत्र का दोहन करना चाहिए। संचालन भौतिक विभाग के हेड प्रो. आरएस तिवारी, स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. एके श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. ओएन श्रीवास्तव ने किया।