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हद है!: एक बंदर, तीन शहरों में पकड़ने के तीन रेट; काशी में 745 रुपये में पकड़ा जा रहा

Sat, 24 Aug 2024 09:32 AM IST
प्रगति चंद सार्थक पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
सार्थक पांडेय, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 24 Aug 2024 09:32 AM IST
सार

मंकी कैचर का बंदर पकड़ने का रेट तीन शहरों में तीन तरह का है। मथुरा में 100 तो फिरोजाबाद में 200 और काशी में 745 रुपये में एक बंदर पकड़ा जा रहा है। इधर, शहर में लगातार बंदरों की समस्या बढ़ रही है। 

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monkey catcher rate for catching monkeys different in three cities including varanasi
बंदर पकड़ने के रेट में बड़ा खेल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

शहर में बंदर पकड़ने के रेट में बड़ा खेल सामने आया है। जिस मंकी कैचर का एक बंदर पकड़ने का रेट मथुरा में 100 और फिरोजाबाद में 200 रुपये है, उसी का रेट बनारस आते-आते 745 रुपये हो गया। नगर निगम बंदरों को पकड़ने और उन्हें वन क्षेत्रों में छोड़ने के लिए मथुरा के छाता निवासी मोहम्मद इमरान की सेवाएं लेता रहा है। इमरान कुछ समय पहले तक वाराणसी में 300 और 500 रुपये में एक बंदर पकड़ता था, लेकिन इस बार 745 रुपये में एक बंदर पकड़ रहा है। 

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इमरान उत्तराखंड, राजस्थान, मथुरा, फिरोजाबाद, सहारनपुर, बरेली, बागपत सहित कई जिलों में बंदर पकड़ने का काम करता है। यह काम पूरा परिवार 50 साल से करता चला आ रहा है। इमरान ने बताया कि बंदर पकड़ने के कार्य में 8 कर्मचारी, दो टेंपो और जाली, पिंजड़े का उपयोग होता है। बंदरों के खान-पान पर भी खर्च होता है। एक बंदर का खर्च 200 रुपये तक आता है।
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इससे पहले नगर निगम ने शहर में बंदर पकड़ने के लिए मथुरा के ही शकील को रखा था। उसे एक लाख बंदर पकड़ने का टारगेट दिया गया था। हालांकि इमरान का कहना है कि नगर निगम बिना टेंडर कराए बंदर पकड़ने की अनुमति दे तो वह 500 रुपये में एक बंदर पकड़ेगा, लेकिन नगर निगम बिना टेंडर के बंदर पकड़ने की अनुमति नहीं दे रहा है। इस कारण ज्यादा पैसे लग रहे हैं।

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बंदरों का आतंक, एक महीने में 130 लोगों ने लगवाए एंटी रैबीज के इंजेक्शन

शहर में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। लंका निवासी राहुल ने बताया कि बंदर छोटे बच्चों को ज्यादा निशाना बनाते हैं। गली में बैठे बंदर उनको काटकर सामान ले लेते हैं। उधर, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में एक महीने में बंदरों के काटने के कारण 130 लोगों ने एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाया है।

1533 पर कॉल कर बताएं समास्याएं
नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि बंदर से जुड़ी कोई भी समस्या होने पर लोग 1533 पर सुबह 6 बजे से रात के 10 बजे कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराते हैं। शिकायत आने पर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाता है।

इन इलाकों में बंदरों का आतंक ज्यादा

चेतगंज, लंका, सकेतनगर, दुर्गाकुंड, कबीरनगर, रोहनिया, चितईपुर, सुंदरपुर, मंडुवाडीह में इन दिनों बंदरों का आतंक ज्यादा बढ़ गया है।

अधिकारी बोले
इमरान कहां और कितने में एक बंदर पकड़ता है, इसकी जानकारी नहीं है। दूरी के हिसाब से भी पैसा लिया जाता है। देख कर पैसा कम कराया जाएगा। -डॉ. संतोष कुमार पाल, पशु चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम वाराणसी
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