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UP: आयुष्मान कार्ड के बाद भी वसूले रुपये, एक शिकायत पर खुल गई कलई; प्रभारी मंत्री के निर्देश पर अस्पताल सील

Sun, 22 Jun 2025 12:42 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 22 Jun 2025 12:42 PM IST
सार

वाराणसी में आयुष्मान कार्ड रहने के बावजूद रुपये की वसूली को लेकर प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना सख्त नजर आए। उन्होंने जांच कर अस्पताल को सील करने के निर्देश दिए थे।

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Money collected even after Ayushman card hospital sealed on instructions of minister in charge
बड़ागांव में आशा हाॅस्पिटल को सील करने पहुंची टीम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: बड़ागांव थाना क्षेत्र के नयेपुर में बिना पंजीकरण संचालित आशा हॉस्पिटल को शनिवार को सील कर दिया गया। अस्पताल प्रबंधन पर मरीज से आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इलाज के लिए 32400 रुपये लेने की शिकायत की गई थी। 

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प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से यह कार्रवाई की गई है। मरीज से लिए गए पैसे भी वापस करवाए गए। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने अस्पताल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए फूलपुर थाने में तहरीर दी है। 
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सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि नयेपुर बड़ागांव में चलने वाले आशा हॉस्पिटल में इलाज में लापरवाही की शिकायत हुई थी। जांच में अस्पताल का पंजीकरण नहीं मिला था। इसके बाद अस्पताल को बंद करवाने के साथ संचालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे।  

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सीएम ने दिए कार्रवाई के निर्देश

सीएमओ ने बताया कि सुरेंद्र वनवासी ने अपने पिता की तबीयत खराब होने पर बड़ागांव स्थित आशा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। आरोप था कि आयुष्मान कार्ड पर इलाज करने की जानकारी चिकित्सालय द्वारा दी गई, बावजूद रुपये लिए गए। इसकी शिकायत उन्होंने शनिवार को जनसंपर्क कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना से तीमारदारों ने की। 

प्रभारी मंत्री के निर्देश पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ शेर मुहम्मद को जांच करने की जिम्मेदारी दी गई। जांच में अस्पताल कर पंजीयन भी नहीं मिला। इसके बाद प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. शेर मुहम्मद एवं थाना प्रभारी बड़ागांव की उपस्थिति में चिकित्सालय को सील कर दिया गया। 

सुरेंद्र बनवासी द्वारा दी गई धनराशि भी हॉस्पिटल प्रबंधन से वापस कराई गई। इसके बाद फूलपुर थाने में संचालक के खिलाफ तहरीर दी गई। इस बारे में फूलपुर थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अस्पतालों की निगरानी करेगी टीम
सीएमओ संदीप चौधरी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड होने पर निशुल्क इलाज किया जाता है। इसके बाद भी जिस तरह से अस्पतालों की ओर से इलाज के नाम पर मरीजों से रुपये लिए जा रहे हैं, यह गलत है। मरीजों, तीमारदारों की शिकायत पर त्वरित निर्णय लेते हुए न केवल अस्पताल को बंद करवाया जाएगा बल्कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर मुकदमा भी दर्ज करवाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक टीम गठित कर निजी अस्पतालों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

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