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रगंदारी मामलाः एक साल पहले खो गया था मजदूर की पत्नी का मोबाइल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 04 Jul 2018 12:16 AM IST
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लखनऊ की जेल से पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के नाम से बनारस के व्यापारी अरविंद तिवारी को कॉल कर जिस मोबाइल नंबर से रंगदारी मांगी गई है, वो लखनऊ के गोसाईगंज क्षेत्र निवासी मजदूर की पत्नी के पास से लगभग साल भर पहले गायब हो गया था।
छानबीन के लिए लखनऊ पहुंची जिला पुलिस की टीम की पूछताछ में मजदूर ने यह जानकारी दी। मजदूर ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी के नाम से लिए गए सिम से लखनऊ जेल से कैसे कॉल की गई, उसे नहीं पता।
हालांकि, मोबाइल खोने की सूचना मजदूर ने पुलिस को नहीं दी थी और ना ही सिम ब्लॉक कराया था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिरकार सिम खोने की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई और उसे ब्लॉक क्यों नहीं कराया गया था।
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वहीं, साल भर पहले गायब हुआ सिम लखनऊ जेल के भीतर कैसे पहुंचा, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। उधर, पुलिस टीम उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है जिनसे इसी मोबाइल नंबर से बीते दिनों बातचीत हुई है।
जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी अरविंद तिवारी के मोबाइल पर नौ जून को कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ जेल में निरुद्ध गायत्री प्रसाद प्रजापति बताते हुए कहा कि वर्ष 2014 के सोनभद्र के बालू खनन के टेंडर का कमीशन पहुंचा जाओ। कमीशन ना देने पर गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
30 जून को मामले को लेकर दशाश्वमेध थाने में गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सर्विलांस की मदद से यह तस्दीक हो गई कि कॉल लखनऊ जेल से ही आई थी।
इस बारे में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ठोस साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई होगी। जल्द ही इस मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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छानबीन के लिए लखनऊ पहुंची जिला पुलिस की टीम की पूछताछ में मजदूर ने यह जानकारी दी। मजदूर ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी के नाम से लिए गए सिम से लखनऊ जेल से कैसे कॉल की गई, उसे नहीं पता।
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हालांकि, मोबाइल खोने की सूचना मजदूर ने पुलिस को नहीं दी थी और ना ही सिम ब्लॉक कराया था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिरकार सिम खोने की सूचना पुलिस को क्यों नहीं दी गई और उसे ब्लॉक क्यों नहीं कराया गया था।
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वहीं, साल भर पहले गायब हुआ सिम लखनऊ जेल के भीतर कैसे पहुंचा, पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है। उधर, पुलिस टीम उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है जिनसे इसी मोबाइल नंबर से बीते दिनों बातचीत हुई है।
जंगमबाड़ी निवासी व्यापारी अरविंद तिवारी के मोबाइल पर नौ जून को कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को लखनऊ जेल में निरुद्ध गायत्री प्रसाद प्रजापति बताते हुए कहा कि वर्ष 2014 के सोनभद्र के बालू खनन के टेंडर का कमीशन पहुंचा जाओ। कमीशन ना देने पर गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
30 जून को मामले को लेकर दशाश्वमेध थाने में गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। सर्विलांस की मदद से यह तस्दीक हो गई कि कॉल लखनऊ जेल से ही आई थी।
इस बारे में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। ठोस साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई होगी। जल्द ही इस मामले में अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।