रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड पर चार्ज कर रहे हैं मोबाइल, तो जरा रुकिए
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रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित अन्य सार्वजनिक जगहों पर लगे चार्जिंग प्वाइंट से यदि आप मोबाइल चार्ज करते हैं तो सावधान रहें। हैकर आपके मोबाइल का डेटा चुरा कर उसका गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। बेहतर यही होगा कि आप अपना चार्जर ही इस्तेमाल करें। जिला पुलिस की साइबर क्राइम सेल के पास रोजाना साइबर क्राइम से संबंधित कई तरह की शिकायतें आती हैं। इनमें से कुछ का कहना था कि वह शहर से बाहर गए थे। मोबाइल की बैटरी डिस्चार्ज होने पर उन्होंने सार्वजनिक स्थान पर लगे चार्जिंग प्वाइंट के यूएसबी पोर्ट से मोबाइल चार्ज किया। बाद में उन्हें पता लगा कि मोबाइल का डेटा चोरी किया गया है।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जूस जैकिंग तकनीक से सार्वजनिक जगह पर लगे चार्जिंग प्वाइंट्स के यूएसबी पोर्ट से मोबाइल का डेटा हैक करना बेहद आसान होता है। लिहाजा, हैकर ऐसे चार्जिंग प्वाइंट तलाशते हैं, जिन्हें ज्यादा से ज्यादा लोग इस्तेमाल करते हैं। यह स्थान रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, मॉल आदि हो सकते हैं। वह चार्जिंग प्वाइंट के यूएसबी पोर्ट में मालवेयर इंस्टाल कर देते हैं जो मोबाइल चार्ज करने के साथ ही कुकीज के जरिये डेटा कापी कर लेता है। यह डेटा फोटो, वीडियो, संदेश, ई-मेल या बैंक खाता संबंधी एप के लॉग इन विवरण आदि से संबंधित हो सकता है।
गृह मंत्रालय की ओर से किया गया है सचेत
गृह मंत्रालय की ओर साइबर क्राइम के बारे में लोगों को साइबर दोस्त ट्विटर हैंडल से जागरूक किया जाता है। गृह मंत्रालय की ओर से अपील की गई है कि जूस जैकिंग तकनीक का शिकार होने से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर लगे चार्जिंग प्वाइंट का प्रयोग करने से बचें।
बचाव के लिए यह अपनाएं उपाय
साइबर क्राइम टीम के कोआर्डिनेटर विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि घर, दुकान, दफ्तर या परिचित जगह पर ही मोबाइल चार्ज करें। आपात स्थिति के लिए अपने पास पावर बैंक रखें। पावर बैंक न हो तो यूएसबी पोर्ट रखें और उसे चार्जिंग प्वाइंट में लगाकर मोबाइल ऑफ कर लें।