एमएलसी चुनाव: चार फरवरी से वाराणसी कलेक्ट्रेट में होगा नामांकन, 4949 मतदाता करेंगे भाग्य का फैसला
एमएलसी चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दल भी प्रत्याशी चयन में जुट गए हैं। इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान हो रहे इस चुनाव पर सियासी दल अपने समीकरण साधने में लगे हैं।
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वाराणसी प्राधिकारी निर्वाचन सीट पर वाराणसी, चंदौली और भदोही के 4949 मतदाता एमएलसी के भाग्य का फैसला करेंगे। चार से 11 फरवरी तक वाराणसी कलेक्ट्रेट में इस पद के लिए नामांकन किया जा सकेगा। इसके साथ ही जिले में 11 जगहों पर मतदान बूथ बनाए जाएंगे।
उधर, निर्वाचन अधिकारी कौशल राज शर्मा ने भदोही और चंदौली के सहायक निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर मतदाताओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी है। दरअसल, वाराणसी स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन सीट पर निकाय के प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान, बीडीसी, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य मतदान कर एमएलसी का चयन करेंगे।
इसके लिए वाराणसी में 11 मतदान बूथ बनाए जाएंगे। इसमें आठ ब्लाक मुख्यालयों के अलावा रामनगर नगर पालिका, नगर निगम वाराणसी और जिला पंचायत पर मतदान बूथ होंगे। इसके अलावा चंदौली और भदोही में 15 बूथ और होंगे। इसमें वाराणसी के 1867, चंदौली 1725 व भदोही के 1357 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पिछले दो कार्यकाल से एक ही परिवार
एमएलसी के दो कार्यकाल पर एक ही परिवार का कब्जा रहा है। स्थानीय प्राधिकारी एमएलसी चुनाव 2016 में हुआ था। उस समय निर्दल बृजेश सिंह की जीत हुई थी। इससे पहले उनकी पत्नी अन्नपूर्णा सिंह ने अपना कार्यकाल पूरा किया था। भाजपा ने 2016 के चुनाव में प्रत्याशी नहीं उतारा था और बृजेश सिंह को ही समर्थन किया था।
सपा ने इस सीट पर पहले अमीर चंद्र पटेल को प्रत्याशी बनाया था। बाद में जब हो-हल्ला हुआ तो फिर पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्ल्यू की बहन मीना सिंह को टिकट दे दिया गया। चुनाव में निर्दलीय बृजेश कुमार सिंह को कुल 3038 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की मीना सिंह को 1084 वोट मिले थे।
प्रत्याशी चयन में जुटे सियासी दल
एमएलसी चुनाव की घोषणा के बाद राजनीतिक दल भी प्रत्याशी चयन में जुट गए हैं। भाजपा ने पिछली बार इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी बृजेश सिंह को समर्थन दिया था और उन्होंने जीत हासिल की थी। मगर, इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान हो रहे इस चुनाव पर सियासी दल अपने समीकरण साधने में भी जुटे हैं। फिलहाल सपा, बसपा, कांग्रेस के साथ ही भाजपा और अन्य दल भी मंथन में जुटे हैं।