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Amla Navami 2023: अक्षय नवमी आज, क्या है आंवले के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन करने की मान्यता?
Tue, 21 Nov 2023 02:41 PM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Tue, 21 Nov 2023 02:41 PM IST
सार
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी 20 नवंबर को अर्धरात्रि के बाद 3:17 बजे लगेगी और 21 नवंबर मंगलवार को अर्धरात्रि के बाद 1:10 मिनट तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 20 नवंबर को रात्रि 9:26 बजे से 21 नवंबर को रात्रि 8:02 बजे तक रहेगा। अक्षय नवमी का व्रत 21 नवंबर यानी मंगलवार को रखा जाएगा।
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आंवला नवमी
विस्तार
अक्षय पुण्य की कामना से मनाया जाने वाला पर्व अक्षय नवमी कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन मनाया जाएगा। अक्षय नवमी इस बार 21 नवंबर को शतभिषा नक्षत्र में मनाई जाएगी। मान्यता है कि इस पर्व पर भगवान श्री हरि विष्णु की पंचोपचार, दशोपचार या षोडशोपचार पूजा से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली मिलेगी।
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ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी 20 नवंबर को अर्धरात्रि के बाद 3:17 बजे लगेगी और 21 नवंबर मंगलवार को अर्धरात्रि के बाद 1:10 मिनट तक रहेगी। शतभिषा नक्षत्र 20 नवंबर को रात्रि 9:26 बजे से 21 नवंबर को रात्रि 8:02 बजे तक रहेगा। अक्षय नवमी का व्रत 21 नवंबर यानी मंगलवार को रखा जाएगा। अक्षय नवमी के दिन व्रत रखकर भगवान श्री विष्णु की पूजा अर्चना तथा आंवले के वृक्ष के समीप या नीचे बैठकर भोजन करने की धार्मिक मान्यता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार आंवले के वृक्ष की पूजा से अक्षय फल की प्राप्ति होती है। पूजन के बाद आंवले के वृक्ष की परिक्रमा का भी विधान है। इस दिन किए गए दान से जीवन में हुए पापों का शमन होता है। यदि आंवले का वृक्ष उपलब्ध ना हो तो मिट्टी के नए गमले में आंवले का पौधा लगाकर उसकी पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
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