UP: दुष्कर्म पीड़िता बच्ची को 6 साल बाद मिला न्याय, पिता को 20 साल की कैद; IIT BHU मामले में इस दिन सुनवाई
दुष्कर्म पीड़िता बच्ची ने इसकी शिकायत अपनी दादी और चाची से की थी। महिलाओं की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। जांच-पड़ताल के बाद अदालत ने दोषी पिता को सजा सुनाई।
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विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विनोद कुमार की अदालत ने 13 साल की बेटी से यौन उत्पीड़न के दोषी पिता को 20 साल की कैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विशेष लोक अभियोजक संदीप कुमार जायसवाल के मुताबिक 13 साल की पीड़िता की मां की मौत के बाद सारनाथ के रहने वाले पिता ने दूसरी शादी कर ली। घटना से 6 माह पूर्व वह बच्ची की देखभाल के लिए अपने साथ ले गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न करने लगा।
एक अप्रैल 2019 को पीड़िता की चाची वादिनी को जानकारी हुई। पीड़िता ने यौन उत्पीड़न की बात दादी और चाची से बताई थी। पुलिस ने चाची की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया। फिर कोर्ट ने विचारण के बाद आरोपी को मारपीट, धमकी और यौन उत्पीड़न में पॉक्सो एक्ट में दोषी पाया और सजा सुना दी।
आईआईटी की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दो अप्रैल को सुनवाई
आईआईटी बीएचयू की छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले की सुनवाई बुधवार को टल गई। फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) कुलदीप सिंह की अदालत ने अगली सुनवाई की तिथि दो अप्रैल मुकर्रर की है। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी।
पीड़िता से दो आरोपी के अधिवक्ता को जिरह करनी है। पिछली तिथि पर आरोपी कुनाल की ओर से कार्रवाई स्थगित करने की गुहार लगाई गई। कोर्ट ने आरोपी का अवसर समाप्त करते हुए अन्य आरोपी की तरफ से जिरह करने के लिए तिथि नियत की थी।
बीएचयू परिसर में दो नवंबर 2023 की रात में आईआईटी की छात्रा के साथ बाइक सवार तीन आरोपियों ने सामूहिक दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने तीनों के खिलाफ लंका थाना में मुकदमा दर्ज कराया था।