मिर्जापुरः खुलासा, ऑनर किलिंग में पिता ने ही की गर्भवती पुत्री की हत्या
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जिस पिता की अंगुली थामकर बेटी ने चलना सीखा और जिस प्रेमी के साथ जीने मरने की कसमें खाईं, झूठी शान के लिए उसी पिता ने प्रेमी के साथ मिलकर युवती की नृशंस हत्या कर दी। हत्यारों के सिर पर ऐसा खून सवार था कि युवती के गर्भ में पल रहे बच्चे तक कि परवाह नहीं की। यह दिल दहला देने वाली घटना किसी फिल्म की पटकथा नहीं बल्कि देहात कोतवाली क्षेत्र में घटी सत्य घटना है। पुलिस अधीक्षक डा. धर्मवीर सिंह ने हत्यारोपी पिता की गिरफ्तारी के बाद मंगलवार को इस सनसनीखेज मामले का खुलासा किया। प्रेमी अभी फरार चल रहा है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के चिंदलिख दुबे गांव के एक खेत के गड्ढे में 18 दिसंबर को एक 18 वर्षीय युवकी का सिर कुंचा शव बरामद हुआ था। तीन दिन बाद 22 दिसंबर को युवती के शव का शिनाख्त न होने पर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में पाया गया कि युवती गर्भवती है। देहात कोतवाल अभय कुमार सिंह हत्या का मुकदमा दर्ज कर हत्या की छानबीन में जुट गए।
छानबीन में मुखबिर से जानकारी मिली कि जसोवर गांव निवासी रामराज यादव की पुत्री कई दिनों से लापता है। पुलिस ने गांव जाकर फोटो के आधार पर शव की शिनाख्त कराई तो पता चला कि रामराज की पुत्री नेहा का शव है। पुलिस उसके घर गई तो उसका पिता रामराज फरार था। पुलिस हत्या का कारण जानने के लिए रामराज की तलाश में जुट गई।
मंगलवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जसोवर पट्टी के पास से रामराज को पकड़कर पुत्री नेहा के बारे में कड़ाई से पूछताछ किया तो हत्या के सनसनीखेज मामले में चौकाने वाले रहस्य सामने आए। रामराज ने बताया कि उसकी पुत्री राकेश सोनकर पुत्र रामरती सोनकर निवासी चौसा से प्रेम करती थी और वह गर्भवती हो गई थी। तो लोकलाज के भय से उसने प्रेमी को झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर उसे चिंदलिख गांव बुलाया। वहां प्रेमी पर दबाव बनाकर उसका मुंह दबाया गया, अचेत होने पर सिर कूंचकर हत्या कर दी गई।
शादी कराने का झांसा देकर ले गया था पिता
कलयुगी पिता रामराज की 18 वर्षीय पुत्री नेहा का प्रेम संबंध चौसा गांव निवासी राकेश सोनकर से था। दोनों कई बार भाग चुके थे। इस पर रामराज ने दोनों को समझाया, पर दोनों नहीं माने। इस बीच नेहा गर्भवती हो गई। पिता के डर से राकेश हत्या के कुछ दिन पूर्व उसे लेकर भाग गया था।
रामराज ने राकेश सोनकर को धमकी दिया कि उसकी पुत्री नेहा को लेकर आओ नहीं तो दुष्कर्म के मुकदमे में फंसा देगा। 17 दिसंबर को वह पुत्री को लेकर आया। पुत्री को समझाया कि उसकी शादी राकेश से करा दूंगा। शादी करवाने का झांसा देकर दोनों को बाइक से लेकर चिंदलिख दुबे गांव पहुंचा। रामराज ने वहां पर राकेश को फिर धमकाया कि पुत्री की हत्या करने में मदद करो नहीं तो जेल भेजवा देगा। इस पर रामराज ने राकेश के साथ मिलकर पुत्री का मुंह दबा दिया। इससे वह बेहोश हो गई। बेहोश होने के बाद पास में पड़े पत्थर से सिर कूंच दिया।
जिससे उसकी पहचान न हो सके। हत्या के बाद रामराज अपना दूध का व्यापार कर रहा था। गांव में पुलिस आई और ग्रामीण संदेह करने लगे तो रामराज घर से भाग गया। कहीं दूर भागने की फिराक में था कि तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। हत्यारोपी प्रेमी राकेश फरार है।
राकेश के घर दूध दुहने जाती थी नेहा, वहीं प्यार चढ़ा परवान
रामराज यादव दूध का व्यापार करता है। इसके अलावा वह और उसका परिवार दूसरे के घरों पर पाले गए गाय-भैंस का दूध दुहने का काम करते थे। रामराज को दो पुत्र और छह पुत्री हैं। नेहा तीसरे नंबर पर थी। नेहा चौंसा गांव स्थित राकेश सोनकर के घर दूध दुहने जाती थी। इस दौरान राकेश और नेहा में प्यार हो गया। राकेश चार बार नेहा को लेकर भाग गया था। वह उससे बेइंतहां प्यार करता था, पर पिता की धमकी उसके प्यार पर भारी पड़ी और उसने अपने प्यार का गला घोंट दिया।
खून लदा पत्थर भी बरामद किया
हत्यारोपित पिता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके निशानदेही पर घटना स्थल के पास से खून लगा पत्थर भी बरामद किया। गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल अभय सिंह के साथ कांस्टेबल सूरज कुमार, धीरेंद्र कुमार, राजलक्ष्मी है।