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काशी में होरी, कजरी, दादरा सुनेंगे युवा प्रवासी भारतीय
Sun, 20 Jan 2019 10:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 20 Jan 2019 10:22 AM IST
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नाद यात्रा में तबला, सितार, हारमोनियम और मृदंगम की जुगलबंदी होगी
- फोटो : amar ujala
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बीएचयू में 21 जनवरी को आयोजित युवा प्रवासी भारतीय दिवस में होरी, कजरी और दादरा की प्रस्तुति होगी। नाद यात्रा में तबला, सितार, हारमोनियम और मृदंगम की जुगलबंदी होगी। कमेटी कक्ष में आयोजित बैठक में कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने तैयारियों की समीक्षा की। कार्यक्रम के अनुसार, दिन में राष्ट्रनिर्माण में युवाओं की भूमिका, डिजिटल इंडिया विषय पर युवा प्रवासियों और छात्रों के बीच संवाद और शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
भारत कला प्रदर्शन और दृश्य कला संकाय में लगी प्रदर्शनी को भी युवा प्रवासी देख सकेंगे। कार्यक्रम में 700 प्रवासी भारतीय हिस्सा लेंगे। कल्चरल कमेटी के संयोजक प्रो. के. शशि कुमार और प्रो. संगीता पंडित ने बताया कि छात्र-छात्राएं विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य से युवा प्रवासियों का स्वागत करेंगे।
उधर, प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान अतिथियों का स्वागत सत्कार करने वालों का उत्साह चरम पर है। संस्कृत और संस्कृति की नगरी काशी को नजदीक से जानने के लिए हर प्रवासी के मन में उत्सुकता है। फ्रांस के वीणा वादक रघुनाथ मानेत भी काशी आ रहे हैं। काशी प्रवास के दौरान वह संकटमोचन क्षेत्र के एनडी मंधान और ज्योति मंधान के घर ठहरेंगे।
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पेशे से म्यूजिक कंपोजर, डांसर, कोरियोग्राफर, एक्टर और फिल्म मेकर रघुनाथ भी काशी की संस्कृति और संगीत को बेहद करीब से जानना चाहते हैं। पेश से व्यवसायी एनडी मंधान, ज्योति मंधान और उनके परिवार के सदस्य वंदना, गीतिका, विशाल और दीपक अपने आने वाले मेहमान की आवभगत के लिए उत्साहित हैं। वह उनकी काशी यात्रा को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
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भारत कला प्रदर्शन और दृश्य कला संकाय में लगी प्रदर्शनी को भी युवा प्रवासी देख सकेंगे। कार्यक्रम में 700 प्रवासी भारतीय हिस्सा लेंगे। कल्चरल कमेटी के संयोजक प्रो. के. शशि कुमार और प्रो. संगीता पंडित ने बताया कि छात्र-छात्राएं विभिन्न राज्यों के लोकनृत्य से युवा प्रवासियों का स्वागत करेंगे।
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उधर, प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान अतिथियों का स्वागत सत्कार करने वालों का उत्साह चरम पर है। संस्कृत और संस्कृति की नगरी काशी को नजदीक से जानने के लिए हर प्रवासी के मन में उत्सुकता है। फ्रांस के वीणा वादक रघुनाथ मानेत भी काशी आ रहे हैं। काशी प्रवास के दौरान वह संकटमोचन क्षेत्र के एनडी मंधान और ज्योति मंधान के घर ठहरेंगे।
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पेशे से म्यूजिक कंपोजर, डांसर, कोरियोग्राफर, एक्टर और फिल्म मेकर रघुनाथ भी काशी की संस्कृति और संगीत को बेहद करीब से जानना चाहते हैं। पेश से व्यवसायी एनडी मंधान, ज्योति मंधान और उनके परिवार के सदस्य वंदना, गीतिका, विशाल और दीपक अपने आने वाले मेहमान की आवभगत के लिए उत्साहित हैं। वह उनकी काशी यात्रा को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
उनका कहना है कि वह रघुनाथ मानेत की काशी यात्रा को अविस्मरणीय बनाना चाहते हैं। मेहमान का पारंपरिक ढंग से स्वागत करने के साथ ही काशी के घाट और गलियों के साथ ही यहां के दर्शनीय स्थलों पर भी उन्हें ले जाने की योजना है। उन्होंने बताया कि उन्हें यहां के व्यंजनों का स्वाद भी दिलाएंगे। इसके साथ ही यहां के संगीत घरानों में और फिल्मी जगत से जुड़ी हस्तियों से भी मुलाकात का कार्यक्रम रखा गया है।
अटल पथ पर पोखरण परीक्षण
पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी बाजपेयी जी की चीवन गाथा प्रदर्शनी का मुख्य पण्डाल
- फोटो : amar ujala
प्रवासी मेहमानों को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जीवन यात्रा से भी परिचित कराया जाएगा। बड़ा लालपुर स्टेडियम में तैयार अटल पथ पर उनसे जुड़ी यादों को संजोया गया है। ऑडियो विजुअल शो के जरिये प्रवासियों को उनके जीवन से जुड़े वीडियो भी दिखाए जाएंगे।
इसके अलावा प्रदर्शनी में पोखरण परीक्षण से लेकर पड़ोसी देशों से संबंधों को लेकर उनके प्रयासों को भी दर्शाया जाएगा। हस्तकला संकुल के ठीक सामने तैयार जर्मन हैंगर में लगाई जा रही प्रदर्शनी में काशी की धर्म, कला और संस्कृति के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए जा रहे हैं। बड़ा लालपुर स्टेडियम में काशी, प्रयागराज, पाटलिपुत्र, गंगा सागर सहित कई पवेलियन तैयार हो गए हैं।
वहीं, एक जिला, एक उत्पाद के लिए 70 स्टाल तैयार किए गए हैं। 20 जनवरी तक सभी जिलों के उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा यहां प्राचीन धर्मग्रंथों और वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी के लिए स्टाल तैयार किए गए हैं।
बड़ा लालपुर स्टेडियम में बीएचयू के छात्रों की ओर से तैयार प्रतिमाओं को स्थापित किया जाएगा। बीएचयू के छात्र वीरेंद्र ने महात्मा गांधी की प्रतिमा तैयार की है। इसके साथ ही फूल डालती महिला सहित अन्य स्टेचू तैयार किया गया है।
इसके अलावा प्रदर्शनी में पोखरण परीक्षण से लेकर पड़ोसी देशों से संबंधों को लेकर उनके प्रयासों को भी दर्शाया जाएगा। हस्तकला संकुल के ठीक सामने तैयार जर्मन हैंगर में लगाई जा रही प्रदर्शनी में काशी की धर्म, कला और संस्कृति के अनूठे उदाहरण प्रस्तुत किए जा रहे हैं। बड़ा लालपुर स्टेडियम में काशी, प्रयागराज, पाटलिपुत्र, गंगा सागर सहित कई पवेलियन तैयार हो गए हैं।
वहीं, एक जिला, एक उत्पाद के लिए 70 स्टाल तैयार किए गए हैं। 20 जनवरी तक सभी जिलों के उत्पादों की प्रदर्शनी शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा यहां प्राचीन धर्मग्रंथों और वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी के लिए स्टाल तैयार किए गए हैं।
बड़ा लालपुर स्टेडियम में बीएचयू के छात्रों की ओर से तैयार प्रतिमाओं को स्थापित किया जाएगा। बीएचयू के छात्र वीरेंद्र ने महात्मा गांधी की प्रतिमा तैयार की है। इसके साथ ही फूल डालती महिला सहित अन्य स्टेचू तैयार किया गया है।