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गंगा आरती देख बोले प्रवासी मेहमान, धन्य हुआ काशी आना

Tue, 22 Jan 2019 10:12 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: shashikant misra Updated Tue, 22 Jan 2019 10:12 AM IST
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Migrants are happy to see ganga aarti in varanasi
गंगा आरती - फोटो : amar ujala
काशी के घाट, गलियां और दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखकर प्रवासी मेहमान निहाल हो गए। तीन दिवसीय प्रवासी दिवस के पहले दिन गंगा घाट पहुंचकर आरती देखने के बाद प्रवासी भारतीयों के मुंह से बरबस निकल पड़ा अद्भुत और अलौकिक।
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दर्शन करने पहुंचे प्रवासी भारतीय शाजिथ बाबू, हरिदशन, कृष्ण कुटी नैयर, तुलसी नैयर ने कहा कि जितना काशी के बारे में सुना था उससे कहीं ज्यादा देखने को मिला। इस सम्मेलन में आना सफल हो गया। मेहमानों के लिए रेड कारपेट बिछी गलियों के रास्ते बाबा दरबार में पहुंचकर प्रवासियों ने मत्था टेका और सुखद जीवन की मंगलकामना की।
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मेहमानों के लिए ललिता घाट पर हेल्प डेस्क के साथ सुगम दर्शन हेतु अस्थाई काउंटर लगाया गया है। ताकि उनकी मेहमानवाजी में कोई कमी न रहे। गलियों से मंदिर तक इलेक्ट्रानिक झालरों से सजाया गया है। रेड कॉरपेट से होते हुए गलियों व मंदिरो को देखते हुये मंदिर तक पहुंचे। जहां सभी ने अतिथियों का स्वागत किया और प्रसाद दी।
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मंदिर के मुख्य कार्यपालक विशाल सिंह खुद कमान संभाले हुए थे। दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती सोमवार को प्रवासियों के नाम रही। जिसमें आचार्योँ ने ऋद्धि सिद्धि के रूप में 18 कन्याएं मौजूद रहीं और मेहमानों को विशेष आरती कराई गई।

अध्यक्ष सुशांत ने बताया की यह प्रवासी मेहमान हम सब के अतिथि हैं। इस मौके पर उनके आतिथ्य में विशेष आरती कराई गई। आरती देख सभी ने कहा जीवन धन्य हुआ। शीतला घाट पर गंगोत्री सेवा समिति ने भी विशेष आरती के रूप में डमरू बजता देख प्रवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।

विदेशी मेहमानों ने बनते देखी बनारसी साड़ियां

कजाकिस्तान से आए विदेशी मेहमानों ने सोमवार को मुबारकपुर (बेनीपुर) स्थित सामाजिक संस्था कस्तूरबा सेवा समिति की ओर से संचालित करुणा केंद्र पर हथकरघा पर बनी बनारसी साड़ियां देखीं। साथ ही प्रवासियों ने चाक पर बने मिट्टी के बर्तनों को भी देखा और चाक घुमाकर मेहमान काफी आनंदित हुए। आदर्श ग्राम नागेपुर गांव स्थित पंजाब नेशनल बैंक द्वारा संचालित कृषक प्रशिक्षण केंद्र का भी भ्रमण किया।

उधर, प्रवासी भारतीय सम्मेलन में काशी के आतिथ्य से मेहमान गद्गद् दिखे। काशी आने वाले अतिथि काशी की समृद्ध परंपरा और कला संस्कृति को देखकर अभिभूत हो गए। उन्होंने काशी के घाटों, मंदिर, आरती में शामिल होकर इन यादगार पलों को अपने जहन के साथ कैमरे में भी कैद किया।

महमूरगंज में अनुपम रघुवंशी के घर आस्ट्रेलिया से शरद पाठक अपने परिवार के साथ पहुंचे हैं। शरद का सिडनी में लॉजिस्टिक और सप्लाई का कारोबार है। अनुपम के घर मेहमानों के लिए चूड़ा, मटर और गाजर का हलवा बनाया गया है।

संयुक्त राष्ट्र संघ में इंटरनेशनल सिविल सर्वेंट पद से सेवानिवृत्त राजिंदर धवन पहली बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन में भाग लेने यहां आए हैं। राजिंदर चांदमारी में आलोक कुमार सिन्हा के मेहमान हैं। गाजियाबाद के सूर्यानगर के मूल निवासी राजिंदर धवन वर्ष 1994 में कनाडा में बस गए थे।

 

काशी में टेक्सटाइल ट्रेनिंग सेंटर खोलेंगे युगांडा के जितेंद्र

प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आए युगांडा के टेक्सटाइल इंजीनियर जितेंद्र पांडे काशी में टेक्सटाइल ट्रेनिंग सेंटर खोलेंगे। उसके बाद ऐसे सेंटर अहमदाबाद और लखनऊ में भी खोलने की इच्छा है। जितेंद्र पांडे ने बताया कि इससे पहले 1991 में बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने काशी आए थे। प्रवासी भारतीय सम्मेलन से यहां आने का दूसरा मौका मिला। सारनाथ और घाट पर घूमने का इरादा है। बनारस के लोग काफी अच्छे हैं। यहां की भाषा रहन-सहन भी बेहतर है। वह बेलवा बाबा में भारत सेवक समाज इंटर कॉलेज के सहायक अध्यापक विजय नारायण सिंह के आवास पर ठहरे हैं।

वहीं युवा प्रवासी दिवस के शुभारंभ समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बक्शी ने कहा, कृषि और बागवानी ही भारत व न्यूजीलैंड का मुख्य कार्यक्षेत्र हैं। इसमें हम एक दूसरे का सहयोग करेंगे। भारतीय संस्कृति और विरासत पर प्रवासियों को गौरव करना चाहिए। अपने घर का उदाहरण दिया और बताया कि परिवार के सदस्य हिन्दी-पंजाबी धाराप्रवाह बोलते हैं।

न्यूजीलैंड में रहने वाले प्रवासी एक दूसरे से भी मातृभाषा में ही बात करते हैं। हम चाहते हैं कि प्रवासियों की छोटी छोटी समस्याओं पर सरकार गंभीरता से काम करें। प्रवासी भारतीय दिवस के साथ कुंभ और गणतंत्र दिवस में शामिल होने को प्रवासियों के लिए मौका बताया और कहा, इससे हम अपनी संस्कृति को नजदीक से समझ पाएंगे। 
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