युवती के पास नहीं था निचला जबड़ा, उसी के शरीर की हड्डी से बनाया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर किसी के जबड़े में ट्यूमर या कैंसर है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। इलाज के दौरान जहां जबड़ा और दांत निकाल लेने से उसे सेट करने में समय लगता था, वहीं अब मैक्सिलोफेशियल सर्जरी से इसका बेहतर इलाज हो रहा है।
इसमें न केवल जबड़ा लग जाएगा बल्कि दांत भी पहले की तरह सेट हो जाएगा। बीएचयू दंत चिकित्सा संकाय में शनिवार को ऑपरेटिव वर्कशॉप में जबड़े में ट्यूमर से पीड़ित एक युवती का सफल ऑपरेशन हुआ।
संकाय में माइक्रो वैस्कुलर ऑपरेटिव वर्कशॉप में चेन्नई के सर्जन प्रो एम सेंथिल नाथ ने जिस युवती का ऑपरेशन किया, उसके निचले जबड़े और दांतों को एक साल पहले ट्यूमर की वजह से निकालना पड़ा था। इस दौरान युवती के शरीर से हड्डी लेकर उसका जबड़ा बनाया और सफल ऑपरेशन किया।
इस वजह से उसके चेहरे की बनावट भी ठीक नहीं लग रही थी। प्रो नरेश शर्मा और डॉ प्रीति तिवारी की देखरेख में चले कार्यशाला में प्रो सेंथिल ने बताया कि मैक्सिलोफेशियल सर्जरी से एक दिन में ही बेहतर इलाज हो सकता है।
ऑपरेशन के बाद युवती के सभी दांत वापस लगाए जा सकेंगे और चेहरे की रौनक भी लौट आएगी। बीएचयू रेक्टर प्रो वीके शुक्ला ने बताया कि इस तरह की कार्यशालाओं से युवा चिकित्सकों को नई-नई विधियों के बारे में जानने का मौका मिलेगा।
दंत चिकित्सा संकाय प्रमुख प्रो नीलम मित्तल ने भी इसे उपयोगी बताया। डॉ प्रीति ने बताया कि आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन से लोगों का चेहरा भी बदला जा सकेगा। कार्यक्रम में प्रो एसके माथुर, अखिलेश सिंह, डॉ रिचिक त्रिपाठी, डॉ.एसके माथुर आदि लोग मौजूद रहे।