BHU: पीएचडी में नेट के 70, इंटरव्यू के 30 फीसदी स्कोर पर बनेगी मेरिट, UGC की गाइडलाइन पर होगा अमल
Varanasi News: बीएचयू में पीएचडी की लगभग 1400 सीटें हैं। इस बार बीएचयू यूजीसी की गाइडलाइन पर विशेष ध्यान देगा। प्रतिशत के हिसाब से नेट और इंटरव्यू की भी हिस्सेदारी रहेगी।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पीएचडी पाठ्यक्रम में प्रवेश विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ही होगा। पीएचडी के लिए बनने वाली मेरिट में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) स्कोर की 70 फीसदी और इंटरव्यू की 30 फीसदी हिस्सेदारी रहेगी। जबकि जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के लिए अभ्यर्थियों का प्रवेश 100 फीसदी इंटरव्यू के आधार पर ही होगा।
जून 2024 से पहले तक राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा पीएचडी में दाखिले के लिए नहीं होती थी। लेकिन, जून-2024 में हुए नेट के साथ यूजीसी ने इसे पीएचडी में दाखिले के लिए भी पात्रता परीक्षा बना दी है। इसलिए अब पीएचडी में दाखिले के लिए वही अभ्यर्थी पात्र माने जाएंगे, जिन्होंने जून-2024 या उसके बाद आयोजित नेट को क्वालिफाई किया हो।
नेट उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों को उनके स्कोर के आधार पर तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा। पहली श्रेणी के अभ्यर्थी जेआरएफ के लिए पात्र माने जाएंगे। दूसरी के असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए और तीसरी श्रेणी के अभ्यर्थियों को पीएचडी में प्रवेश के लिए पात्र माना जाएगा।
बीएचयू के अपर परीक्षा नियंता प्रो. जीपी सिंह ने बताया कि पीएचडी में दाखिले के लिए नेट स्कोर के 70 फीसदी और इंटरव्यू के 30 फीसदी अंकों के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। जबकि जेआरएफ वालों की मेरिट केवल इंटरव्यू के आधार पर बनाई जाएगी। पीएचडी में प्रवेश प्रक्रिया नेट का रिजल्ट आने के बाद शुरू होगी। गौरतलब है कि बीएचयू में पीएचडी की लगभग 1400 सीटें हैं।
20 हजार अभ्यर्थियों को नेट का इंतजार
18 जून को वाराणसी जिले के 18 केंद्रों पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने नेट कराया था। इसमें जिले के केंद्रों पर पंजीकृत 23260 परीक्षार्थियों में से 19772 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। मगर, गड़बड़ी की शिकायत पर एनटीए ने अगले ही दिन परीक्षा रद्द कर दी।
अब इसे दोबारा कराने के लिए अगस्त के अंतिम और सितंबर के पहले सप्ताह की समयावधि प्रस्तावित है। हालांकि इस पर अंतिम मुहर एनटीए ही लगाएगी। नेट के लिए आवेदन करने वाले तकरीबन 20 हजार अभ्यर्थियों को इस उलझे मामले का निष्कर्ष निकलने का इंतजार है।