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UP से थाईलैंड कमाने गए युवक की बेरहमी से हत्या, हाथ-पैर तोड़कर टांग दिया पेड़ से

Thu, 17 May 2018 04:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ Updated Thu, 17 May 2018 04:15 PM IST
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Mau youth murder  in thailand while he went for job
यूपी के मऊ जिले के एक गांव से छह माह पहले कमाने के लिए थाईलैंड गए युवक का शव वहां एक जंगल में पेड़ से लटका मिला। उसको हाथ-पैर तोड़कर पेड़ पर टांगा गया है। वह चार दिन पहले घर से लापता हुआ था। बुधवार की शाम परिजनों को सूचना मिली तो घर में कोहराम मच गया। 
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रविंद्र यादव का पुत्र चंदन (21) नवंबर 2017 में कमाने के लिए थाईलैंड गया था। जहां वह खोनसेन शहर में रहकर कोई रोजगार करता था। परिवार वालों को मिली सूचना के अनुसार, चंदन रविवार को सुबह काम पर निकला तो शाम को वापस नहीं लौटा।
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उसके साथियों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन पता नहीं चला। बुधवार को उसके साथियों को सूचना मिली कि पास के एक जंगल में चंदन की लाश पेड़ से लटकी है। उसके हाथ और पैर तोड़कर पेड़ पर टांग दिया गया था। चंदन के रिश्तेदार का एक लड़का सुनील भी थाईलैंड में रहता है।
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सूचना पर वह मौके पर पहुंचा। पुष्टि के बाद सुनील ने चंदन के पिता को फोन पर खबर दी। कमाऊ बेटे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मां शकुंतला खबर मिलते ही मूर्छित होकर गिर पड़ी।  

चंदन का पिता रविंद्र सब्जी की छोटी सी दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठाता है। जवान बेटे की मौत से वह बिलख उठा। चंदन के छोटे भाई अमित (18), अजीत (16) , बहनें रीमा (14) और रीतिका (12) भाई की मौत से बेहाल हो उठीं।
चंदन की मौत की सूचना मिलते ही  सांत्वना देने वाले रिश्तेदारों और शुभचिंतक उसके घर पहुंचने लगे। 

कमाऊ बेटे के गम में पथरा गईं बूढ़ी आंखें

Mau youth murder  in thailand while he went for job

 वाराणसी में मंगलवार को फ्लाइओवर हादसे में हुई एनडीआरएफ के जवान की मौत के गम में उसके बूढ़े माता-पिता की आखें गम से पथरा गई हैं। मऊ जिले के घोसी कोतवाली के बरुहा गांव निवासी जवान राम मिलन चौहान परिवार का अकेला कमाऊ था।

सेना में भर्ती होने पर बूढे माता पिता को बेहतर जीवन की आस जगी, लेकिन हादसा उनके सपनों को लील गया। राम मिलन की मौत से पूरा गांव स्तब्ध था।  राममिलन चौहान 15 मई को अपने साथियों के साथ मिनी बस से कैंट की तरफ आ रहा था, तभी फ्लाई ओवर की बीम गिरने से हादसे में उसकी मौत हो गई।

पास में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हुई। अमर उजाला के माध्यम से ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव से सूचना मिलने पर मंगलवार की रात 11 बजे उसके पिता हरिनाथ वाराणसी गए थे।

अपने दो भाइयों में राममिलन सबसे बड़ा होने के साथ नौकरी करने वाला  परिवार का एकमात्र सदस्य था। छोटा भाई रामाश्रय चौहान बीए अंतिम वर्ष का छात्र है। दो बहनों संगीत व रीना की शादी हो गई है।

पड़ोस के रामजतन चौहान, गंगा चौहान, नागेंद्र चौहान, अरविंद चौहान आदि शोकाकुल परजिनों को संभालने में लगे थे। पिता ने बिलखते हुए बताया कि अभी उन्हे अपने बेटे की शादी करनी थी, इसके बाद उसके हंसते खेलते घर को बसते हुए देखना था।

लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। बूढे पिता और परिवार के सदस्यों के साथ गांव के लोग भी राम मिलने के शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे थे।
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