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मऊ के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नहीं मिल रहा सही भोजन

Sat, 07 Jan 2017 07:20 PM IST
टीम डिजिटल, मऊ
टीम डिजिटल, मऊ Updated Sat, 07 Jan 2017 07:20 PM IST
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Mau patients' meals, cut
HOSPITAL SHIMLA
जिले के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले भोजन में भी खेल हो रहा है। जिम्मेदार अधिकारी मेन्यू की अनदेखी तो कर ही रहे हैं, डाक्टर की सलाह को भी दरकिनार कर सभी मरीजों को एक तरह का ही भोजन दे रहे हैं।
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फल, दूध और ब्रेड तो मरीजों के लिए सपना ही रहता है। जिला अस्पताल में इस भीषण ठंड में भी रात में मरीजों को खिचड़ी दी जाती है, चाहे वह मरीज डायरिया से पीड़ित हो, सांस की बीमारी अथवा तेज बुखार से।
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सरकार की तरफ से जिला अस्पताल सहित सभी सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को मुफ्त भोजन दिए जाने की व्यवस्था की गई है। जिला अस्पताल में भोजन की व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार बजट देती है। मरीजों को भोजन देने का जिम्मा जिला अस्पताल प्रशासन के कंधों पर है।
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यहां इनडोर में भर्ती मरीजों को दोपहर में दाल ,रोटी, चावल और सब्जी दी जाती है। लेकिन रात में किसी भी मरीज को रोटी सब्जी अथवा दाल नहीं दी जाती है। रात में सभी मरीजों को सिर्फ और सिर्फ खिचड़ी ही दी जाती है। सुबह न तो मरीजों को चाय या ब्रेड आदि सहित कोई नाश्ता नहीं दिया जाता है।

अस्पताल में दस दिनों से भर्ती महिला सीता ने बताया कि यहां पर रोजाना दिन में चावल दाल, रोटी, सब्जी और रात में केवल खिचड़ी दी जाती है। विद्यावती नामक मरीज ने बताया कि वह दो दिनों से अस्पताल में भर्ती है लेकिन उसे भोजन नहीं मिला।

एक अन्य मरीज शीला ने बताया कि दोपहर और रात में भोजन के अलावा यहां पर कुछ भी नहीं मिलता। न तो दूध और न ही फल। सीएचसी और पीएचसी में प्रसव के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार देने की जिम्मेदारी अलग अलग एजेंसियों को दी गई है।

प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को भी नहीं दिया जाता भोजन

Mau patients' meals, cut
doctor shimla
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर मंडाव, कोपागंज, रतनपुरा और घोसी पर महिला मरीजों को भोजन देने के लिए एजेंसियों को ठेके दिए गए हैं। जबकि शेष मुहम्मदाबाद गोहना , रानीपुर , परदहा, दोहरीघाट और बड़रांव सीएचसी पर भर्ती होने वाली महिलाओं को भोजन की व्यवस्था प्रभारी चिकित्साधिकारी की ओर से खुद कराई जाती है।

इन अस्पतालों के लिए कोई एजेंसी आगे आती ही नहीं है। लेकिन कोपागंज को छोड़कर शेष अस्पतालों पर प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को किसी भी प्रकार का भोजन दिया ही नहीं जाता। फल, दूध अथवा ब्रेड आदि की तो बात ही दूर की है।
 
जबकि एनआरएचएम की गाइड लाइन के अनुसार जिला महिला अस्पताल और पीएचसी तथा सीएचसी अस्पतालों में भर्ती होने वाली प्रत्येक महिला के भोजन के लिए एक सौ रुपये दिए जाते हैं। इनमें से बीस रुपये नाश्ता और दोपहर तथा रात के भोजन के लिए 40-40 रुपये दिए जाते हैं। 

प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. माधुरी का कहना है कि जिला महिला अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती होने वाली गर्भवती महिलाओं को एनआरएचएम की गाइड लाइन के अनुरूप भोजन की व्यवस्था की जाती है।

हालांकि यहां पर भर्ती होने वाली महिलाओं की संख्या कम होती है लेकिन यहां पर महिलाओं को सुबह ब्रेड चाय , दोपहर में दाल रोटी , चावल सब्जी , मौसमी फल और दूध का वितरण किया जाता है। डाक्टरों की सलाह के अनुसार खिचड़ी भी दी जाती है। 

दो दिन पूर्व ही मैंने कार्यभार संभाला है। मरीजों को गाइड लाइन के अनुसार भोजन की व्यवस्था कराई जाएगी। डा. बृज कुमार, सीएमएस, जिला अस्पताल मऊ।

मऊ के सीएमओ आरकेमिश्र ने कहा कि जिले के सभी सीएचसी पीएचसी पर नियमानुसार भोजन की व्यवस्था कराना मेरी प्राथमिकता है।

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