{"_id":"68144cc74689cc8f0a01fb23","slug":"matuka-river-revived-again-after-lost-27-km-long-in-varanasi-2025-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: खो चुकी 27 किमी लंबी मटुका नदी को फिर किया जिंदा, कई साल पहले खत्म हो चुका था अस्तित्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: खो चुकी 27 किमी लंबी मटुका नदी को फिर किया जिंदा, कई साल पहले खत्म हो चुका था अस्तित्व
Fri, 02 May 2025 10:10 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Fri, 02 May 2025 10:10 AM IST
सार
Varanasi Latest News: मटुका नदी का अस्तित्व कई साल पहले खत्म हो चुका था। लेकिन, इस नदी को पुनर्जीवित कर दिया गया है। इससे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है।
विज्ञापन
पुनर्जीवित हुई मटुका नदी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कई साल पहले अपना अस्तित्व खो चुकी मटुका नदी को पुनर्जीवित कर दिया गया है। किसान इसके पानी से फसलों की सिंचाई करने लगे हैं। सेवापुरी क्षेत्र में 26 ग्राम पंचायतों के किसानों को इसका लाभ मिल रहा है। सिर्फ यही नहीं, जल संरक्षण की दिशा में काम हो रहा है।
विज्ञापन
इस नदी पर सात चेकडैम और 14 ड्रॉप स्टिल वेज बनाए जा रहे हैं। चेकडैम में बारिश का पानी रुकेगा और ड्रॉप स्टिल वेज से पानी पाताल में जाएगा जो जलस्तर बढ़ाने में मदद करेगा। सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि यह नदी कब्जों में खत्म हो चुकी थी।
विज्ञापन
नदी भदोही जिले से आती हुई वाराणसी में प्रवेश करती है। कुछ किसानों ने इसे पाटकर खेती करना शुरू कर दिया था। कई जगहों पर कूड़े के ढेर थे। टीम को लगाकर पुराने मानचित्र की मदद से इसे चिह्नित किया गया। जहां-जहां कब्जे थे, खाली कराया गया। उसके बाद जेसीबी और मनरेगा के श्रमिकों की मदद से इसकी खोदाई शुरू कराई गई। काम अभी चल रहा है।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें; Jaunpur News: नेत्रहीन पिता से छलपूर्वक ली गई जमीन का दान पत्र खारिज, सात महीना 21 दिन बाद मिला न्याय
ग्राम पंचायत भीषमपुर, दिलावरपुर समेत अन्य कई ग्राम पंचायतों के किसानों ने इसी साल इस नदी के पानी से गेहूं की फसल में सिंचाई की थी। उन्होंने बताया कि इस नदी में बारिश का पांच हजार कैचमेट जल भी जाएगा। यानी कि करीब 20 किमी के ढलान तक के हिस्से में बारिश का पानी इसमें पहुंचेगा।
इसे भी पढ़ें; Chandauli News: हिस्ट्रीशीटर राजकुमार ने सात साल पहले जिस जगह की राजन की हत्या, वहीं पर मिली मौत