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अभी भी सपने पूरे होने बाकी हैं: काशी में मैरी कॉम बोलीं, मेडल न मिलना हैरान करता है, कुछ न कुछ तो कमी होगी

Sun, 27 Oct 2024 10:47 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sun, 27 Oct 2024 10:47 AM IST
सार

मैरी कॉम अगले साल रिंग में वापसी करेंगी। उन्होंने कहा कि चोट ने दो साल खराब किए। ओवरएज हूं पर सपने अभी मरे नहीं हैं। वहीं उन्होंने ओलिंपिक में मुक्केबाजी में मेडल न मिलने के पीछे ट्रेनिंग की कमी बताई। 

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Mary Kom said lack of training reason behind not getting medals in boxing at Olympics
मैरी कॉम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आठ बार की वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियन और ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली मैरी कॉम 1-2 साल में फिर से रिंग में वापसी करेंगी। वो प्रोफेशनल गेम में हाथ आजमाएंगी। मैराथन कार्यक्रम के लिए नदेसर के एक होटल में मैरी कॉम ने कहा कि ओवरएज होने से इंटरनेशनल बॉक्सिंग के रास्ते बंद हो गए हैं। पिछले दो साल चोट के दौरान कुछ भी नहीं कर पाई, ठीक होने में काफी टाइम लगा। दुख हो रहा है कि क्यों उम्र की वजह से खेल को ब्रेक लगा दिया गया। अभी भी सपने पूरे होने बाकी हैं। मैं संतुष्ट नहीं हूं। इसलिए, अपने चोट से उबरकर दो साल बाद खेल में बड़े स्तर पर वापसी करूंगी।
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मैरी कॉम ने कहा कि ओलिंपिक में मुक्केबाजी को मेडल न मिलना हैरान करता है। कुछ न कुछ तो कमी होगी। किसी को दोष नहीं दे रही, लेकिन ट्रेनिंग की कमी रही होगी या बीच में ही कुछ तो गड़बड़ है। इस बार ओलिंपिक खिलाड़ियों के साथ पेरिस जाने का मौका नहीं मिला, अन्यथा कुछ बता पाती कि मेडल क्यों नहीं मिले। क्या कमियां रह गईं, जानने के लिए ट्रेेनिंग में कम से कम सात दिन देने होंगे।
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एक सवाल के जवाब में मैरी कॉम ने कहा कि लॉस एंजेलिस ओलिंपिक में मुक्केबाजी को शामिल किया जाएगा या नहीं, ये तो नहीं पता। इस बार प्रदर्शन नहीं हो सका। मेडल नहीं आया। जेंडर की वजह से भी काफी विवाद हो गया था। आईओसी ने क्यों इतना गड़बड़ किया। इतनी लापरवाही हुई, उसमें बॉक्सिंग की गलती तो नहीं है। बॉक्सिंग का बुरा न हो।

मैरी कॉम ने कहा कि पिछले 20 साल में कितनी उपलब्धियां मिली हैं, याद करना मुश्किल है। मुझे तो सिर्फ छह बार का विश्व चैंपियन और एशियन गेम में गोल्ड ही याद है। आप जब आगे निकल जाओ तो कुछ ही यादगार चीजें याद रहती हैं। मैरी कॉम मणिपुर की हैं। वो भारत की पहली मुक्केबाज हैं, जिन्हें 2012 ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल मिला। उन्हें अर्जुन और राजीव गांधी खेल रत्न के साथ ही पद्म विभूषण से भी नवाजा जा चुका है।
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बनारस की बेटियों को सिखाना चाहती हूं मुक्केबाजी

सिगरा के संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के लिए मैरी कॉम ने पीएम मोदी की तारीफ की। कहा कि बनारस की लड़कियों को हिम्मत देने और प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए बुलाया गया तो वो जरूर आएंगी। हमारे समय में लड़कियों को इतना सपोर्ट नहीं मिला। कहा जाता था कि ये लड़की लोगों का गेम नहीं है। सिर्फ लड़कों को ही खेलने का मौका मिलता था।
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मैरी कॉम ने मंच पर गाया गाना

मैरी कॉम ने अपनी फिल्म मैरीकॉम की लोरी भी गाई। प्रशंसकों ने जमकर तालियां बजाईं। मैरी कॉम ने कहा कि काशी के बारे में बचपन में खूब सुना था। कभी यहां पर इतने कार्यक्रम करूंगी नहीं पता था। बनारस इतना खूबसूरत जगह देखने को मिलेगा, सोचा ही नहीं था।
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