शहीदी पर्व: गुरुद्वारे में मत्था टेका, अरदास लगाई, रक्तदान किया; अमृतसर से आए रागी जत्था ने किया शबद-कीर्तन
वाराणसी में शहीदी पर्व पर गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। संगत ने मत्था टेककर अरदास लगाई और रक्तदान कर सेवा भाव का परिचय दिया। अमृतसर से आए रागी जत्थे ने शबद-कीर्तन कर संगत को गुरुवाणी से निहाल किया। श्रद्धालुओं ने लंगर छका, जबकि शहर में 13 स्थानों पर सबील लगाकर शरबत वितरित किया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Varanasi News: सिख धर्म के पांचवें गुरु अर्जन देव के 420वें शहीदी दिवस पर बृहस्पतिवार को घरों से गुरुद्वारों तक गुरु की बंदगी हुई। संगत ने गुरुद्वारे में मत्था टेकर अरदास किया और लंगर छका। रागी जत्थे ने गुरुवाणी से गुरु भक्ति की अमृतवर्षा की। गुरुबाग गुरुद्वारे में भीड़ रही। वहीं, शहर में 13 स्थानों पर सबील लगाकर लोगों को शर्बत पिलाया गया। पांचवें गुरु की याद में संगत ने रक्तदान भी किया।
सहनशीलता, शांति और शहीदों के सरताज गुरु अर्जन देव के शहीदी पर्व पर गुरुद्वारा गुरुबाग में श्रद्धा और सेवाभाव दिखा। सुबह से ही संगत के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। लोग गुरुग्रंथ साहिब पर मत्था टेकते और गुरुवाणी में मगन होते रहे।
कुलविंदर सिंह (खरड़), कथावाचक किशन सिंह (अमृतसर), नरिंदर सिंह और रकम सिंह ने गुरुवाणी, कीर्तन और गुरमत विचारों से संगत को निहाल किया। उन्होंने अर्जन देव की शहादत को सबसे बड़ी शहादत बताया। संगत ने गुरुघर में हाजिरी लगाकर गुरु ग्रंथ साहिब पर मत्था टेका।
गुरुद्वारे के मुख्य ग्रंथी रंजीत सिंह ने कहा कि गुरु अर्जन देव जालिमों के जुल्म के आगे नहीं झुके। वहीं, गुरुद्वारा परिसर में रक्तदान व निशुल्क नेत्र जांच शिविर लगा। लोगों ने अपने आंखों की जांच करवाई और युवाओं ने रक्तदान किया। पंगत में संगत की सेवा के लिए नन्हें-मुन्ने भी दिखे। बड़ों के साथ उनकी सेवा की ललक देखते बन रही थी। दिनभर संगत की आने-जाने का सिलसिला चला।
गुरुद्वारे से स्टेशन तक शर्बत पिलाकर प्यास बुझाई
गुरु अर्जन देव की याद में संगत ने शहर में जगह-जगह स्टाॅल लगाकर शर्बत पिलाया। लाजपत नगर कॉलोनी, शास्त्री नगर, साजन चौराहा, गांधी नगर सिगरा, गुरुद्वारा गुरुबाग, निचीबाग, भेलूपुर, गिरजाघर चौराहा, मालवीय मार्केट, नदेसर, कैंट रेलवे स्टेशन सहित 13 से ज्यादा स्थानों पर ठंडे और मीठे जल का वितरण हुआ।