विवाहिता ने आग लगाकर दी जान, संतान नहीं होने से मानसिक रूप से थी परेशान
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मोहनसराय स्थित चौराहे के समीप रहने वाले चंदन गुप्ता की पत्नी जूली गुप्ता (30) सोमवार को घर की तीसरी मंजिल पर स्थित रसोईघर में आग लगा कर जान दे दी। मौके से मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि हमारे गुरु सबसे बड़े हैं और इन लोगों के गुरु छोटे हैं। सुसाइड नोट में किसी पर कोई आरोप नहीं था। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
मिर्जापुर के घंटाघर की रहने वाली जूली की शादी 2012 में मोहनसराय के रूपचंद्र गुप्ता के पुत्र चंदन से हुई थी। ससुराल के लोगों के अनुसार संतान न होने की वजह से जूली मानसिक रूप से परेशान रहती थी। कुछ दिन पहले वह मायके चली गई थी। बीती 30 मई को वह अपने भाई के साथ मोहनसराय स्थित अपने ससुराल आयी थी।
चंदौली जिले में कृषि विभाग में टेक्निशियन के पद पर कार्यरत पति चंदन गुप्ता के अनुसार, वह पत्नी की झाड़फूंक कराने के लिए अवकाश ले रखा था। सोमवार को जूली के मायके वालों को साथ लेकर झाड़फूंक के लिए अयोध्या जाने वाला था। वह नीचे खाना खा रहा था। इसी दौरान जूली मकान के तीसरे मंजिल पर बने किचन में अंदर से दरवाजा बंद करके मिट्टी का तेल अपने ऊपर छिड़क कर आग लगा ली।
पति ऊपर गया तो देखा कि किचन से धुआं उठ रहा है तो उसने दरवाजा खोलने का प्रयास किया। दरवाजा न खुलने पर परिवार वालों को बुलाया। परिवार वालों ने दरवाजा तोड़कर अंदर देखा तो जूली जलकर दम तोड़ चुकी थी। परिवार वालों ने घटना के बारे में पुलिस को सूचना दी।
मौके पर रोहनिया थाना प्रभारी परशुराम त्रिपाठी पहुंचे और सुसाइड नोट बरामद किया। थाना प्रभारी रोहनिया ने बताया कि युवती के भाई रवि गुप्ता की तहरीर पर पति, सास, ससुर, देवर, देवरानी और ननद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।