Varanasi News: शादी के 106 दिन बाद विवाहिता को जलाया, पति, सास और ससुर को उम्रकैद; 8 साल बाद आया फैसला
Varanasi News: अदालत को यह फैसला आठ साल बाद आया है। गंभीर रूप से जली अर्चना को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन शाम पांच बजे इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी। मृत्यु से पहले मजिस्ट्रेट ने अर्चना का बयान अंकित कर लिया था।
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दहेज में बाइक और सोने की चेन न मिलने पर विवाहिता को शादी के 106 दिन बाद मिट्टी का तेल उड़ेल कर जला दिया गया। इस मामले में अपर जिला जज (सप्तम) अवधेश कुमार की अदालत ने चौबेपुर थाना के बराई गांव निवासी पति आशीष कुमार सिंह, ससुर अशोक कुमार सिंह और सास मंगला देवी को दोषी करार दिया है।
अदालत ने तीनों को आजीवन कारावास और 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को आग में जलाना एक क्रूरतम प्रकृति का अपराध है। यह कृत्य विवाहिता को अत्यंत वेदना देने वाला था। ऐसा अपराध गंभीर और महिला व समाज विरोधी है।
चौबेपुर थाना क्षेत्र के कावर गांव निवासी भरत सिंह की पुत्री अर्चना की शादी 28 अप्रैल 2016 को आशीष कुमार सिंह के साथ हुई थी। ससुराल जाने पर शादी में कम दहेज देने की बात कहकर आशीष कुमार सिंह और उसके माता-पिता अर्चना को ताना मारने लगे।
बाद में उसे तरह-तरह की मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देने लगे। दहेज में मोटरसाइकिल और सोने की चेन अर्चना को मायके से मंगवाने के लिए कहा गया। आरोप था कि शादी की रात भी इस मांग को लेकर अर्चना के घरवालों से अभियुक्तों की किचकिच हुई थी।
ससुराल में अर्चना के साथ मारपीट करने की जानकारी मिलने पर पिता और चाचा उसकी ससुराल गए। ससुराल वालों को उन्होंने समझाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांग पर अड़े रहे। 12 अगस्त 2016 की शाम करीब आठ बजे ससुराल में अर्चना के ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल कर उसे जला दिया गया।
दहेज हत्या के दोषी पति को दस वर्ष की सश्रम कैद
दहेज हत्या के एक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (द्वितीय) के न्यायाधीश सुनील कुमार ने नगवां, अस्सी निवासी उमेश यादव को दोषी करार दिया है। अदालत ने अभियुक्त को 10 साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने पर अभियुक्त को एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने अभियुक्त के जुर्माना देने पर आठ हजार रुपये जान गंवाने वाली महिला की पुत्री को देने का आदेश दिया है।
मिर्जापुर जिला के नेवढ़िया (पड़री) गांव निवासी मोतीलाल यादव की पुत्री की शादी वर्ष 2009 में अभियुक्त उमेश यादव से हुई थी। दहेज कम मिलने की उलाहना देकर उमेश यादव और उसके परिजन मोटर साइकिल और 50 हजार रुपया मायके से मंगवाने का दबाव विवाहिता पर दबाव बनाते थे।
बाद में उसे तरह-तरह से प्रताड़ित करने लगे। बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर नौ जुलाई 2015 को मोतीलाल उसकी ससुराल पहुंचा। वहां उसने देखा कि उसकी बेटी की मौत हो चुकी थी।