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मानव जाति प्रकृति का दोहन नहीं बल्कि कर रही है शोषण
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पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि कई बार ऐसा प्रतीत होता है कि मानव जाति प्रकृति का दोहन नहीं बल्कि शोषण कर रही है। आज हम सूचना एवं संचार के क्षेत्र में तरक्की कर चुके हैं, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इसके बावजूद हम प्रकृति के साथ संतुलन बना पाने में कामयाब हैं। युवा पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाने की जरूरत है। वह शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय एवं यूूजीसी की ओर से आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के भारत के प्रयास की सफलता इस बात से आंकी जा सकती है कि आज दुनिया के 91 से अधिक देश इसका हिस्सा हैं। बीएचयू के कुलपति प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि 20वीं शताब्दी गवाह है कि किस प्रकार धन की वृद्धि और संचय को समाज में ज्यादा प्राथमिकता दी गई, जिसके परिणामस्वरूप कई सामाजिक-आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न हुईं। जेएनयू के कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने परिसरों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना होगा। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने दिया। बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भवनों में लगे सौर संयंत्रों के माध्यम से विश्वविद्यालय 6.5 मेगावॉट सौर ऊर्जा अर्जित कर रहा है एवं इसी क्रम में 50 मेगावॉट अतिरिक्त सौर ऊर्जा अर्जित करने का प्रस्ताव भी है।
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पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत वैश्विक मंच पर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के भारत के प्रयास की सफलता इस बात से आंकी जा सकती है कि आज दुनिया के 91 से अधिक देश इसका हिस्सा हैं। बीएचयू के कुलपति प्रो. वीके शुक्ला ने कहा कि 20वीं शताब्दी गवाह है कि किस प्रकार धन की वृद्धि और संचय को समाज में ज्यादा प्राथमिकता दी गई, जिसके परिणामस्वरूप कई सामाजिक-आर्थिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय समस्याएं उत्पन्न हुईं। जेएनयू के कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने परिसरों में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना होगा। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. नीरज त्रिपाठी ने दिया। बताया कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भवनों में लगे सौर संयंत्रों के माध्यम से विश्वविद्यालय 6.5 मेगावॉट सौर ऊर्जा अर्जित कर रहा है एवं इसी क्रम में 50 मेगावॉट अतिरिक्त सौर ऊर्जा अर्जित करने का प्रस्ताव भी है।
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