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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mangala aarti at the sanctum occupied by officers, visitors manhandled

मंगला आरती में गर्भगृह पर अफसरों का कब्जा, दर्शनार्थियों से बदसलूकी

Tue, 26 Jul 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Tue, 26 Jul 2016 02:11 AM IST
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सावन के प्रथम सोमवार की मंगला आरती दुर्व्यवस्था की भेंट चढ़ गई। सुगम दर्शन की व्यवस्था का दावा करने करने वाले अफसरों ने व्यवस्था संभालने के बजाय गर्भगृह के चारों द्वारों पर परिवारीजनों के साथ खुद आसन जमा लिया। अफसरों को आरती दिखाने के लिए व्यवस्था में तैनात पुलिस के जवानों ने आम भक्तों के हितों को ताक पर रख दिया। आरती खत्म होने तक मंगला आरती का टिकट लेकर लाइन में लगे भक्तों को मंदिर में प्रवेश ही नहीं दिया गया। इससे नाराज श्रद्धालुओं ने ढुंढिराज गणेश प्वाइंट पर जमकर हंगामा किया।
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इस दौरान प्वाइंट पर श्रद्धालुओं को रोककर खड़े दरोगा, सिपाहियों से तीखी झड़प भी हुई लेकिन वायरलेस सेट पर सूचना दिए जाने के बाद भी उच्चाधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। आरती में पहुंचे भाजपा विधायक सुशील सिंह ने कहा कि अफसरों ने खुद दर्शन करने के लिए मंदिर की व्यवस्था को ध्वस्त कर दिया। ऐसी अराजकता मैंने कभी देखी नहीं थी। विधायक जब निकलने लगे तब उन्हें ढुंढिराज प्वाइंट पर आधे घंटे तक रोके रखा गया।
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इस बार सोमवार की मंगला आरती का टिकट 1000 रुपये में था। 308 लोगों ने टिकट बुक कराए थे। रात को दो बजे से ही छत्ताद्वार और कोतवालपुरा से मंगला आरती के लिए भक्त आगे बढ़ने लगे। इस दौरान ढुंढिराज गणेश प्वाइंट पर तैनात दरोगा और सिपाही प्रोटोकॉल के तहत तैयार सूची के आधार पर भक्तों को मंदिर में प्रवेश करा रहे थे। उच्चाधिकारियों, गिनती के जन प्रतिनिधियों और उनके परिवारीजनों को ही भीतर जाने दिया गया। टिकट लेकर आने वाले सैकड़ों भक्तों को पुलिस ने ढुंढिराज प्वाइंट पर ही रोक दिया। इससे नाराज श्रद्धालु हंगामा करने लगे। भक्तों और दरोगा के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। इस दौरान दरोगा ने वायरलेस सेट पर बताया कि वीआईपी के नाम पर लोगों को भीतर किए जाने से नाराज आम भक्त हंगामा मचा रहे हैं। डीओ वीआईपी, सीओ, एएसपी मौके पर आकर स्थिति को संभालें लेकिन कोई अफसर नहीं पहुंचा। 
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इसी दौरान जिलाधिकारी विजय किरन आनंद भी ढुंढिराज प्वाइंट पर पहुंचे लेकिन उन्होंने भी शोर-शराबे की न तो वजह जानने की कोशिश की न ही हस्तक्षेप किया। अलबत्ता पहले सोमवार की आरती में बवाल न करने का इशारा करते हुए वह मंदिर में चले गए। तब तक 40 फीसदी आरती पूरी हो चुकी थी। इसके बाद भी टिकट लेकर आए भक्त बाहर ही रह गए। मंदिर परिसर में उत्तरी द्वार पर मंडलायुक्त, पूर्वी द्वार पर आईजी, पश्चिमी द्वार पर मुख्य कार्यपालक अधिकारी और दक्षिणी द्वार पर भी अफसर और उनके परिवार के सदस्यों के लिए आसन लगा था। परिसर में उनके अर्दली, गनर और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात सिपाही-दरोगा और कुछ पुजारी ही थे। डीएम, एसएसपी मंदिर परिसर में मौजूद रहे।
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