नित्यानंद समर्थकों के साथ बैठक करेंगे मंडलायुक्त, विश्वनाथ धाम में चिह्नित है भिखारी धर्मशाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर बने भिखारी धर्मशाला को लेकर भले ही भगोड़े नित्यानंद और समर्थक दावा कर रहे हैं। मगर कागजों में भी प्रशासन का दावा इस पर मजबूत है। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर योजना में यह भवन चिह्नित है और इसे ध्वस्त किया जाना है।
हालांकि धर्मशाला पर दावा करने वालों ने इस मामले में न्यायालय से भी गुहार लगाई है। न्यायालय ने इस मामले में दोनों पक्षों को बातचीत का अवसर दिया है। 15 दिसंबर को मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल के साथ नित्यानंद समर्थकों की बैठक होनी है। उधर, प्रशासन ने इस मामले से जुड़ी फाइलें तलब की है। इसमें प्रशासन ने पूरी जानकारी बोर्ड ट्रस्ट ऑफ इंडिया को भी दी है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार भिखारी धर्मशाला को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। तत्कालीन जिलाधिकारी वीणा ने इस धर्मशाला को सरकार में मर्ज करने का आदेश दिया था। इसके बाद दूसरे पक्ष का दावा है कि इस मामले में प्रशासन के खिलाफ भी आदेश हुआ है।
हालांकि अब इस मामले में पत्रावलियों की जांच कराई जा रही है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि पत्रावलियों का परीक्षण कराया जा रहा है और बोर्ड ट्रस्ट ऑफ इंडिया को परीक्षण के लिए लिखा गया है। यदि यह भवन सरकार की संपत्ति है तो उसे अमल कराया जाएगा। यदि इसमें दूसरे पक्ष से भी पूछा जाएगा कि उनके दावे का आधार क्या है।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि न्यायालय ने बातचीत कर मामला सुलझाने को कहा है। 15 दिसंबर को इस मामले में बातचीत की जाएगी।