{"_id":"595531024f1c1b260e8b45e8","slug":"main-accused-of-murder-in-mosque-of-mau-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"मऊ की मस्जिद में हुई हत्या का आरोपी गिरफ्तार, इसलिए दिया वारदात को अंजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मऊ की मस्जिद में हुई हत्या का आरोपी गिरफ्तार, इसलिए दिया वारदात को अंजाम
ब्यूरो,अमर उजाला,मऊ
Updated Thu, 29 Jun 2017 10:25 PM IST
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पुलिस का ध्यान बंटाने के लिए दिया घटना को अंजाम
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मऊ जिले के नसीरपुर गांव में अलविदा से ठीक पहले वाली रात को मस्जिद में मांस फेंकने के साथ एतिकाफ में बैठे मौलवी की हत्या कर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश करने का पुलिस ने गुरुवार को पर्दाफाश कर पूर्व ब्लाक प्रमुख कुख्यात रमेश सिंह काका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों को एसपी ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने के पीछे रमेश का मकसद पुलिस का ध्यान उससे और उसके आरोपी पुत्र की तरफ से हटाकर कानून व्यवस्था संभालने की ओर मोड़ना था।
एसपी के अनुसार पुलिस 11 जून को मंडूसरा निवासी महेश सिंह पर हुए जानलेवा हमले में रमेश सिंह काका के बेटे सुधीर सिंह और 22 जून को नसीरपुर स्थित मस्जिद में एक वृद्ध की हत्या कर प्रतिबंधित मांस फेंकने के मामले में रमेश सिंह काका की तलाश कर रही थी।
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दोनों मामलों के लिए क्षेत्राधिकारी नगर पंकज सिंह के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई थी। इसी से बौखलाकर रमेश सिंह काका ने अपने साथियों के साथ जनपद को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने के लिए 22 जून को नसीरपुर गांव में घटना को अंजाम दिया।
बावजूद इसके नसीरपुर ग्रामवासियों ने सौहार्द बनाए रखकर सभी के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने रमेश सिंह काका को बुधवार की शाम को बढुआगोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में रमेश सिंह ने बताया कि पुलिस का ध्यान भटकाने, अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने हेतु नसीरपुर गांव में घटना कराने की योजना बनाकर घटना को अंजाम देने के लिए अपने सहयोगी अभय सिंह उर्फ दरोगा को लगाकर खुद दिल्ली चला गया था।
किंतु दरोगा व उसके साथियों द्वारा घटना का अंजाम न देने पर 22 जून को वह वापस मऊ आ गया। इसके बाद रात में अभय सिंह उर्फ दरोगा और उसके साथियों ने घटना को अंजाम दिया।
इस दौरान मस्जिद में प्रतिबंधित मांस फेंककर वृद्ध यूनुस की हत्या की गई। इस घटना में रमेश सिंह काका स्वयं घटना स्थल के कुछ दूरी पर अभय सिंह और अन्य साथियों के साथ खड़ा था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध सर्विलांस से घटना को अंजाम देने संबंधित भी कई साक्ष्य भी मिले हैं। प्रतिबंधित मांस पिपरीडीह के समीप से उपलब्ध कराया गया था। इसकी पड़ताल कराई जा रही है कि प्रतिबंधित मांस खरीदा गया था या फिर धमकाकर लिया गया था।
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पुलिस लाइन के सभागार में पत्रकारों को एसपी ने बताया कि इस घटना को अंजाम देने के पीछे रमेश का मकसद पुलिस का ध्यान उससे और उसके आरोपी पुत्र की तरफ से हटाकर कानून व्यवस्था संभालने की ओर मोड़ना था।
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एसपी के अनुसार पुलिस 11 जून को मंडूसरा निवासी महेश सिंह पर हुए जानलेवा हमले में रमेश सिंह काका के बेटे सुधीर सिंह और 22 जून को नसीरपुर स्थित मस्जिद में एक वृद्ध की हत्या कर प्रतिबंधित मांस फेंकने के मामले में रमेश सिंह काका की तलाश कर रही थी।
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दोनों मामलों के लिए क्षेत्राधिकारी नगर पंकज सिंह के नेतृत्व में कई टीमें गठित की गई थी। इसी से बौखलाकर रमेश सिंह काका ने अपने साथियों के साथ जनपद को सांप्रदायिकता की आग में झोंकने के लिए 22 जून को नसीरपुर गांव में घटना को अंजाम दिया।
बावजूद इसके नसीरपुर ग्रामवासियों ने सौहार्द बनाए रखकर सभी के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पुलिस ने रमेश सिंह काका को बुधवार की शाम को बढुआगोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में रमेश सिंह ने बताया कि पुलिस का ध्यान भटकाने, अपनी संपत्तियों को सुरक्षित करने हेतु नसीरपुर गांव में घटना कराने की योजना बनाकर घटना को अंजाम देने के लिए अपने सहयोगी अभय सिंह उर्फ दरोगा को लगाकर खुद दिल्ली चला गया था।
किंतु दरोगा व उसके साथियों द्वारा घटना का अंजाम न देने पर 22 जून को वह वापस मऊ आ गया। इसके बाद रात में अभय सिंह उर्फ दरोगा और उसके साथियों ने घटना को अंजाम दिया।
इस दौरान मस्जिद में प्रतिबंधित मांस फेंककर वृद्ध यूनुस की हत्या की गई। इस घटना में रमेश सिंह काका स्वयं घटना स्थल के कुछ दूरी पर अभय सिंह और अन्य साथियों के साथ खड़ा था।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपियों के विरुद्ध सर्विलांस से घटना को अंजाम देने संबंधित भी कई साक्ष्य भी मिले हैं। प्रतिबंधित मांस पिपरीडीह के समीप से उपलब्ध कराया गया था। इसकी पड़ताल कराई जा रही है कि प्रतिबंधित मांस खरीदा गया था या फिर धमकाकर लिया गया था।