काशी विद्यापीठः 15 जुलाई से होंगी परीक्षाएं, संशोधित समय सारिणी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने बताया कि 10 जुलाई तक वाराणसी के अलावा चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही के लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों के लिए प्रश्नपत्र तैयार हो जाएंगे। तीन पालियों में होने वाली परीक्षाओं के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक और स्नातकोत्तर की वार्षिक परीक्षाओं की तैयारी तेज हो गई है। केंद्र निर्धारण के साथ ही प्रश्नपत्रों का मॉडरेशन भी तेजी से किया जा रहा है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद शनिवार को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर आंशिक संशोधन के साथ संशोधित समय सारिणी जारी कर दी गई है। इसमें समय और तिथियों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने बताया कि 10 जुलाई तक वाराणसी के अलावा चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही के लगभग ढाई लाख विद्यार्थियों के लिए प्रश्नपत्र तैयार हो जाएंगे। तीन पालियों में होने वाली परीक्षाओं के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 15 जुलाई से परीक्षाएं तीन पालियों में आरंभ हो जाएंगी।
शासन के निर्देश के अनुसार, 31 अगस्त तक परीक्षा परिणाम जारी कर देना है। इसलिए परीक्षा के साथ मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के मद्देनजर इस बार परीक्षा का समय और प्रश्नपत्र का स्वरूप छोटा किया गया है।
डेढ़ घंटे की लिखित परीक्षा में होंगे इतने प्रश्न
डेढ़ घंटे की लिखित परीक्षा में सात प्रश्न होंगे। इनमें पांच लघु उत्तरीय और दो दीर्घ उत्तरीय होंगे। लघु उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर 150 शब्द और बड़े प्रश्नों के 350 शब्द में उत्तर देने होंगे। प्राचीन इतिहास, मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास, एमए शिक्षाशास्त्र आदि जिन विषयों के प्रारूप भिन्न हैं, उनमें किन्हीं पांच प्रश्नों को हल करना होगा। प्रत्येक प्रश्न के उत्तर की अधिकतम सीमा तीन सौ शब्द होगी। यह नियम वर्तमान सत्र के लिए ही मान्य होंगे।
वाराणसी, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर और भदोही जिलों में होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए केंद्र निर्धारण का काम चल रहा है। उम्मीद है कि सप्ताह भर के अंदर परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी। कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी।
मेडिकल और नर्सिंग काउंसिल के दिशा निर्देशों के अनुसार एमबीबीएस, बीएएमएस और नर्सिंग की परीक्षाएं तीन घंटे की होंगी। वहीं, 15 जुलाई से शुरू होने वाली एमबीए के प्रथम और चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षाएं ओएमआर शीट पर आधारित होंगी।
सुधार सकते हैं परीक्षा परिणाम
वार्षिक परीक्षाओं के परिणाम के बाद अगर कोई विद्यार्थी परीक्षा परिणाम से असंतुष्ट है तो वह सत्र 2022 में होने वाली बैक या श्रेणी सुधार के लिए सभी प्रश्नपत्रों की परीक्षा में शामिल हो सकता है। कोविड संक्रमण के कारण यदि कोई छात्र-छात्रा परीक्षा नहीं दे पाता है तो बाद में विशेष परीक्षाओं में बैठने का मौका दिया जाएगा।
कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
वार्षिक परीक्षाओं के दौरान परीक्षार्थियों को कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना जरूरी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भी सीटिंग अरेंजमेंट दो गज की दूरी की अनुसार किया जाएगा। परीक्षा के दौरान मास्क लगाना अनिवार्य होगा। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश दिया जाएगा।