Mahashivratri 2022: बाबा विश्वनाथ को लगी हल्दी, महाशिवरात्रि पर धूमधाम से निकलेगी शिव बरात
पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में संजीव रत्न मिश्र ने बाबा की प्रतिमा का राजसी स्वरूप में शृंगार किया।
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श्री काशी विश्वनाथ के विवाहोत्सव के लोकाचार महंत आवास पर आरंभ हो गए हैं। रविवार को ढोलक की थाप और मंजीरे की खनक के बीच हल्दी के पारंपरिक मंगल गीताें से गूंज उठे। महिलाओं ने भी लोकाचार के अनुसार बाबा विश्वनाथ की पंचबदन प्रतिमा को हल्दी व तेल चढ़ाया। बाबा को ठंडई, पान और मेवे का भोग लगाया गया।
आवास पर बाबा के पंचबदन प्रतिमा का आगमन हुआ और शाम को हल्दी की रस्म के लिए गवनहरियों की टोली पहुंची। पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में संजीव रत्न मिश्र ने बाबा की प्रतिमा का राजसी स्वरूप में शृंगार किया। इसके बाद आरती व भोग लगाया गया। महाशिवरात्रि पर धूमधाम से शिव बरात निकलेगी।
हल्दी रस्म के दौरान महिलाओं ने पहिरे ला मुंडन क माला मगर दूल्हा लजाला..., दूल्हा के देहीं से भस्मी छोड़ावा सखी हरदी लगावा ना..., शिव दूल्हा के माथे पर सोहे चनरमा..., अड़भंगी क चोला उतार शिव दूल्हा बना जिम्मेदार... और भोले के हरदी लगावा देहिया सुंदर बनावा सखी...’ आदि हल्दी के पारंपरिक शिवगीतों में दुल्हे की खूबियों का बखान किया।
गीत गाकर महिलाओं ने भगवान शिव की रजत मूर्ति को चावल से चूमा। इसके उपरांत शिवांजलि के अंतर्गत पुनीत पागल, संजय दुबे, प्रियंका पांडेय और रीता शर्मा ने शिव भजनों की प्रस्तुति दी। महाशिवरात्रि पर धूमधाम से शिव बरात निकलेगी।