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महंत बालक दास ने अखिलेश के माफी मांगने को बताया राजनीतिक स्टंट, कहा- चुनाव नजदीक आया तो आई याद
Mon, 12 Apr 2021 08:44 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 12 Apr 2021 08:44 PM IST
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अखिलेश यादव, महंत बालक दास।
- फोटो : अमर उजाला
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यूपी के पूर्व सीएम व सपा मुखिया अखिलेश यादव की माफी को संतों ने ढोंग करार दिया है। पातालपुरी मठ के महंत बालक दास ने कहा कि जब चुनाव नजदीक आए हैं तो अखिलेश को पांच साल बाद माफी मांगने की याद आई है। अखिलेश यादव का कृत्य अक्षम्य है, इसे संत समाज व सनातन धर्मावलंबी कभी नहीं भूलेगा।
महंत बालक दास ने कहा कि 2015 में संतों पर लाठी चलाने, दर्जनों धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के मामले में सपा मुखिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से माफी मांगी है। यह पूरी तरह से राजनीतिक स्टंट है। अखिलेश यादव को पांच साल बाद संतों की याद आई है।
सत्ता के मद में चूर अखिलेश यादव ने उस समय तुष्टीकरण के तहत शांतिपूर्ण धरना दे रहे निहत्थे संतों और सनातन धर्मावलंबियों पर आधी रात के समय लाठी गोली चलवाई। इसे पूरा संत समाज ही नहीं सनातन धर्मावलंबी आज भी नहीं भूले हैं।
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छोटे-छोटे बटुकों पर लाठी बरसाई गई। इसमें कई संत, बटुक व सनातन धर्मावलंबी घायल हुए। उनके ऊपर 20-25 धाराएं लगाकर उल्टा केस लाद दिया गया है जो आज भी न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे में माफी का सवाल ही नहीं उठता।
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महंत बालक दास ने कहा कि 2015 में संतों पर लाठी चलाने, दर्जनों धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के मामले में सपा मुखिया ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से माफी मांगी है। यह पूरी तरह से राजनीतिक स्टंट है। अखिलेश यादव को पांच साल बाद संतों की याद आई है।
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सत्ता के मद में चूर अखिलेश यादव ने उस समय तुष्टीकरण के तहत शांतिपूर्ण धरना दे रहे निहत्थे संतों और सनातन धर्मावलंबियों पर आधी रात के समय लाठी गोली चलवाई। इसे पूरा संत समाज ही नहीं सनातन धर्मावलंबी आज भी नहीं भूले हैं।
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छोटे-छोटे बटुकों पर लाठी बरसाई गई। इसमें कई संत, बटुक व सनातन धर्मावलंबी घायल हुए। उनके ऊपर 20-25 धाराएं लगाकर उल्टा केस लाद दिया गया है जो आज भी न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे में माफी का सवाल ही नहीं उठता।