फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mahant Balak Das's fast on strike against electricity bill ends

वाराणसी: बिजली बिल के खिलाफ धरने पर बैठे महंत बालक दास का अनशन समाप्त, बोले- स्मार्ट मीटर से जनता की जेब पर पड़ रहा डाका

Thu, 10 Dec 2020 07:34 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 10 Dec 2020 07:34 PM IST
विज्ञापन
Mahant Balak Das's fast on strike against electricity bill ends
महंत बालकदास से बात करते राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी - फोटो : अमर उजाला।

कथित मनमाने बिजली बिल के खिलाफ धरने पर बैठे वाराणसी के पातालपुरी महंत बालक दास ने गुरुवार को राज्यमंत्री के आश्वासन पर अनशन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही संत समाज ने चेतावनी दी है कि सात दिनों के अंदर उनकी समस्या दूर नहीं हुई तो वह दोबारा आंदोलन करेंगे। राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने महंत को आश्वासन दिया है कि सात दिनों के अंदर उनकी सभी शिकायतों को दूर किया जाएगा।

विज्ञापन


गुरुवार को राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी पातालपुरी मठ पहुंचे। राज्यमंत्री ने महंत की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने एवं समाधान निकालने का वायदा करते हुए जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। संत समाज ने चेतावनी दी है कि बिजली बिल में गड़बड़ी और कर्मचारियों की मनमानी समाप्त नहीं हुई तो संत समाज फिर से आंदोलन करने पर विवश होगा। स्मार्ट मीटर के जरिए आमजनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है।
विज्ञापन


महंत बालक दास ने सीएम को संबोधित अपना मांग पत्र भी राज्यमंत्री को सौंपा। महंत ने कहा कि भारतीय संस्कृति की पताका फहराने वाले प्राचीन मठ, मंदिरों की लगातार उपेक्षा हो रही है। मठ बिजली बिल के बोझ से दबे हुए हैं। कई तरह के कर थोप दिए गए हैं, मठों के पास कोई आमदनी नहींं है। बिजली के बिल, करों के बोझ और सरकारी उपेक्षा से मठों की स्थिति खराब होती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

Mahant Balak Das's fast on strike against electricity bill ends
महंत बालकदास से बात करते राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी - फोटो : अमर उजाला।

महंत बालक दास ने संत समाज की ओर से सीएम से आग्रह किया है कि प्राचीन ऐतिहासिक मठों के बिजली बिल और करों को माफ किया जाए। इसके साथ ही सरकार की तरफ से थोपे गए करों से मठ-मंदिरों को पूरी तरह से मुक्त किया जाए।

इस दौरान स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती, महंत सर्वेश्वर शरण दास, महंत ईश्वर दास, महंत श्रवण दास, महंत ज्ञान प्रकाश, महंत अवध किशोर दास, महंत अवधबिहारी दास, महंत संगत दास, उमेश दास, मोहन दास, कोतवाल विजय राम दास मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed