महाशिवरात्रि पर करें बाबा विश्वनाथ के दर्शन, पूरी होगी मनोकामना
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महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ के दरबार में चौबीस घंटे दर्शन होगा। 23 फरवरी की रात में मंगला आरती के बाद 3:15 बजे पट खुलेंगे और फिर 12:30 बजे भोग आरती के बाद दिन-रात दर्शन होगा। 24 फरवरी की रात चार पहर की आरती होगी।
बाबा की आरती के दर्शन कतार में लगे श्रद्धालु एलईडी स्क्रीन पर भी कर सकेंगे। नीलकंठ द्वार जर्जर होने की वजह से न्यास परिषद के फैसले के बावजूद महाशिवरात्रि पर विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने पांच सौ रुपये के शुल्क पर श्रद्धालुओं को सहज दर्शन की सुविधा देने से इनकार कर दिया है।
छत्ताद्वार के अलावा मंदिर परिसर में तीन स्थानों पर एलईडी लगाई जाएगी। 23 फरवरी की रात 2:15 से 3:15 तक मंगला आरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए जाएंगे। दोपहर 12 से 12:30 तक भोग आरती के बाद रात को 10:49 बजे तक अनवरत दर्शन -जलाभिषेक चलेगा।
मंदिर प्रशासन ने महाशिवरात्रि के जलाभिषेक की तैयारियां पूरी कर ली हैं। छत्ताद्वार से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा और सरस्वती फाटक से निकास होगा।
चार पहर की आरती के कार्यक्रम
इस दौरान दर्शन में लगे श्रद्धालु माचिस, खैनी, पेन ड्राइव, लाइटर, कैमरा, पेन, चाकू, नारियल जैसी प्रतिबंधित वस्तु के साथ मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे।24 फरवरी की रात को 10:50 पर शंख बजेगा।
इसी के साथ प्रथम पहर की आरती के लिए गर्भगृह में शद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया जाएगा। रात 11 बजे से 12:30 तक आरती चलेगी। द्वितीय प्रहर की आरती के लिए रात 1:20 पर शंख बजेगा और दर्शनार्थियों को रोक दिया जाएगा।
रात 1:30 से दो बजे तक आरती होगी। तृतीय पहर की आरती के लिए रात 2:55 पर शंख बजेगा और श्रद्धालुओं को रोक दिया जाएगा। तीन बजे से भोर 4:25 तक आरती होगी। इसी तरह चतुर्थ पहर की आरती के लिए सुबह 4:55 पर शंख बजेगा और श्रद्धालुओं का गर्भगृह में प्रवेश रोक दिया जाएगा। इसके बाद पांच से 6:15 तक आरती होगी।