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भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह पर केस मामले की होगी मजिस्ट्रेटी जांच, ये लगा है आरोप
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 24 Oct 2018 10:12 PM IST
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भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह
- फोटो : amar ujala
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यूपी के बलिया जिले के बैरिया सीट से भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह अपने बयानों के लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस बार वो फिर चर्चा में हैं लेकिन बयान को लेकर नहीं। इस बार इस लिए चर्चा में हैं क्योंकि मारपीट व फायरिंग मामले में भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह व उनके पुत्र समेत 18 लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
इस केस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। डीएम ने उप जिलाधिकारी बैरिया लालबाबू दुबे को जांच की जिम्मेदारी दी है। उधर, निष्पक्ष जांच की मांगों को देखते हुए सीओ बैरिया उमेश कुमार ने दोनों पक्षों की विवेचना सर्किल के बाहर के किसी थाने या क्राइम ब्रांच से कराने की अपील एसपी से की है।
मामले में एक पक्ष के पंकज उपाध्याय की तहरीर पर रविवार को 14 नामजद लोगों के खिलाफ जान से मारने की नियत आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के प्रशांत उपाध्याय की माता पुनकली देवी की तहरीर पर बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह व उनके पुत्र सहित 18 लोगों पर साजिश करने, जान से मारने की नीयत से मारपीट करने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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माना जा रहा है कि एसपी श्रीपर्णा गांगुली इस प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को दे सकती हैं। इस बाबत क्षेत्राधिकारी बैरिया उमेश कुमार ने कहा कि पुलिस अधीक्षक को अधिकार है और वह स्वयं संज्ञान लेकर दोनों मामलों को क्राइम ब्रांच को विवेचना के लिए दे सकती हैं।
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इस केस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच होगी। डीएम ने उप जिलाधिकारी बैरिया लालबाबू दुबे को जांच की जिम्मेदारी दी है। उधर, निष्पक्ष जांच की मांगों को देखते हुए सीओ बैरिया उमेश कुमार ने दोनों पक्षों की विवेचना सर्किल के बाहर के किसी थाने या क्राइम ब्रांच से कराने की अपील एसपी से की है।
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मामले में एक पक्ष के पंकज उपाध्याय की तहरीर पर रविवार को 14 नामजद लोगों के खिलाफ जान से मारने की नियत आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के प्रशांत उपाध्याय की माता पुनकली देवी की तहरीर पर बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह व उनके पुत्र सहित 18 लोगों पर साजिश करने, जान से मारने की नीयत से मारपीट करने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया गया।
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माना जा रहा है कि एसपी श्रीपर्णा गांगुली इस प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को दे सकती हैं। इस बाबत क्षेत्राधिकारी बैरिया उमेश कुमार ने कहा कि पुलिस अधीक्षक को अधिकार है और वह स्वयं संज्ञान लेकर दोनों मामलों को क्राइम ब्रांच को विवेचना के लिए दे सकती हैं।
विधायक का विवादों से हैं पूराना नाता
अपने बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले विधायक सुरेंद्र सिंह का विवादों से नाता रहा है। बैरिया विधायक का डीआईओएस से भिड़ना, अफसरों के साथ उनके दुर्व्यवहार की खबरें कई मौकों पर सामने आई है। पांच अक्टूबर 2017 को वन विभाग के दारोगा के साथ मारपीट खासा चर्चा में रहा था। 27 सितंबर 2017 को बैरिया तहसील के तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक दिलीप सिंह के साथ मारपीट व 16 जनवरी 2018 को बैरिया तहसील के तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक सूर्यनाथ से भी दुर्व्यवहार किया ।
विधायक ने पूर्ति विभाग के निरीक्षकों पर कोटेदारों को परेशान करने का आरोप लगाया था। 17 जून 2017 को दोकटी थाना के प्रभारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव से बालू को लेकर विवाद हो गया और उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए विधायक दोकटी थाना पर धरने पर बैठ गए।
29 मई 2018 को विधायक का एक कानूनगो उमेश श्रीवास्तव पर अवैध तरीके से पैसे मांगने का आरोप लगाने पर विवाद हो गया था। 31 जनवरी 2018 को तत्कालीन पूर्ति निरीक्षक गुफरान के साथ हुई मारपीट में विधायक का सह बताया गया। बलिया के डीएम रह चुके सुरेंद्र विक्रम सिंह के साथ भी विधायक सुरेंद्र सिंह की भिड़ंत हो चुकी है।
दोनों के बीच बालू खनन को लेकर हुए विवाद का मामला काफी गरमाया था। जनवरी 2017 में जिले की एसपी सुजाता सिंह से विधायक ने जिला छोड़कर चले जाने को कहा था। एसपी पर भी विधायक ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। बता दें कि बालू खनन को लेकर विधायक व उनके समर्थकों का अन्य अफसरों के साथ भी विवाद हो चुका है। 31 मई 2018 को डीएम से मिलकर कहा कि तहसील के सभी अधिकारी भ्रष्ट हो गए हैं।