Mukhtar Ansari:फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मामले में माफिया मुख्तार को बड़ा झटका, MP-MLA कोर्ट ने खारिज किया आवेदन
माफिया मुख्तार अंसारी को वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट से 37 साल पुराने फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामले में बड़ा झटका मिला है। इस मामले में उसका आवेदन अदालत ने खारिज कर दिया है। माफिया फिलहाल जेल में बंद है।
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गाजीपुर जिले के 37 वर्ष पुराने फर्जी शस्त्र लाइसेंस लेने के मामले में आरोपी माफिया मुख्तार अंसारी के आवेदन को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) अवनीश गौतम की अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि सह आरोपी की मौत के कारण अदालत का अधिकार समाप्त नहीं हो जाता है।
आरोप तय हो जाने के बाद अदालत आरोपी को दोषमुक्त कर सकती है या फिर सजा सुना सकती है। आपराधिक साजिश का अपराध विशिष्ट अपराध है, जिसके लिए आईपीसी है। आरोपी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के मामले में साजिश का आरोपी है। ऐसे में इस विशेष अदालत को आरोपी के खिलाफ सुनवाई का अधिकार है।
मुख्तार अंसारी की तरफ से कहा गया था कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत सिर्फ लोकसेवक के खिलाफ मुकदमा चल सकता है। उस समय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम लागू नहीं था। इसी तरह जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, उसका विचारण आईपीसी के तहत गाजीपुर की न्यायालय में ही किया जाना चाहिए। अदालत ने आरोपी की दलीलों को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। मामले की सुनवाई 16 फरवरी को होगी।
ये है पूरा मामला
प्रकरण के अनुसार, मुख्तार अंसारी के खिलाफ आरोप है कि 10 जून 1987 को दोनाली बंदूक के लाइसेंस के लिए वह गाजीपुर के जिला मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र दिया था। गाजीपुर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर से संस्तुति कर उसने शस्त्र लाइसेंस प्राप्त कर लिया था। फर्जीवाड़ा उजागर होने पर सीबीसीआईडी द्वारा चार दिसंबर 1990 को गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने में मुख्तार अंसारी, तत्कालीन डिप्टी कलेक्टर समेत पांच नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जांच के बाद तत्कालीन आयुध लिपिक गौरीशंकर श्रीवास्तव और मुख्तार अंसारी के खिलाफ वर्ष 1997 में अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। सुनवाई के दौरान गौरीशंकर श्रीवास्तव की मृत्यु हो जाने के कारण उसके खिलाफ 18 अगस्त 2021 को मुकदमा समाप्त कर दिया गया। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव आलोक रंजन और पूर्व डीजीपी देवराज नागर समेत 10 गवाहों का बयान दर्ज किया गया है।